सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों की नाराजगी रविवार को दिखी। शिक्षामित्रों ने कंपनी गार्डन में आपात बैठक की और फिर जुलूस की शक्ल में शास्त्री चौराहे पर जाम लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाया। शिक्षामित्रों ने 14 सितंबर को परिषदीय विद्यालयों को बंद करने का ऐलान किया।
यह भी कहा कि हालात को देखते हुए वह राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर हुआ समायोजन रद्द कर दिया है। जिले में इस निर्णय से 1373 शिक्षामित्र प्रभावित हुए हैं। कंपनी गार्डन में बैठक के बाद शिक्षामित्र दोपहर करीब पौने तीन बजे शास्त्री चौराहे पहुंचे।
इसमें शामिल पुरुष, महिलाओं ने वाहनों को रोक दिया। जाम लगने की सूचना मिलने पर एडीएम ईश्वर चंद्र, एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह, सीओ सिटी शिवराज सिंह, बीएसए जेपी राजपूत आदि पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया।
शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से करीब पौने दो लाख परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के एक लाख 72 हजार शिक्षामित्र अपने परिवार के साथ करो या मरो का आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह शिक्षामित्र राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की भी मांग करेंगे।
जिलामंत्री बृजेंद्र चौहान ने सभी शिक्षामित्रों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कदम न उठाएं जो उनके परिवार के लिए घातक हो। बढ़पुरा ब्लाक अध्यक्ष बजरंगी लाल एवं भरथना के देवेश यादव ने कहा कि सभी शिक्षामित्र एक जुट होकर खोया हुआ सम्मान वापस पाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 14 सितंबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत परिषदीय विद्यालयों को बंद किया जाएगा।