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शिक्षामित्रों के पैदल मार्च से थमी शहर की रफ्तार

Thu, 17 Sep 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
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समायोजन रद्द होने से उत्तेजित शिक्षामित्रों ने बुधवार को तगड़ा विरोध प्रदर्शन किया। जिले भर के शिक्षामित्रों ने धूप और गर्मी की परवाह किए बिना बीएसए दफ्तर से पैदल मार्च निकाला। भीषण गर्मी में छह महिला शिक्षामित्रों की तबियत खराब होने पर उन्हें पुलिस वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया।
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शिक्षामित्रों का जुलूस जहां से भी निकला वहां जाम लग गया। रास्ते भर पुलिस बल तो साथ रहा, लेकिन जाम खुलवाने का प्रयास नहीं हुए। एसएसपी चौराहे पर जाम लगाए शिक्षामित्रों से एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर ज्ञापन लिया। इसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ।

कार्य बहिष्कार करके जिले भर के शिक्षामित्र दोपहर करीब बारह बजे बीएसए दफ्तर पर एकत्र हुए और जुलूस नारेबाजी करते हुए निकल पड़ा। शिक्षामित्रों का हुजूम जब शास्त्री चौराहे पर पहुंचा, तो सभी शिक्षामित्र सड़क पर बैठ गए। जिससे आवागमन ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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इस चौराहे से बमुश्किल सौ मीटर का फासला तय करने के बाद शिक्षामित्र यूनियन बैक के सामने फिर से सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। यहां से कारवां आगे बढ़ा और जिला पंचायत अध्यक्ष के सरकारी आवास के सामने हुजूम थम गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने एसएसपी चौराहे को घेर लिया।

वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई और शिक्षामित्र पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव से मिलने की बात पर अड़ गए। करीब आधा घंटे तक चौराहे पर गहमागहमी रही। एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह यहां पहुंचे और शिक्षामित्रों को बताया कि पीडब्ल्यूडी मंत्री लखनऊ जा चुके हैं।

इसके बाद आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव और जिला महामंत्री बृजेंद्र चौहान की अगुवाई में एसडीएम सदर को प्रधानमंत्री और मानव संसाधन मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जाम खुल सका।
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