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सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर भड़के कर्मचारी

Fri, 27 Nov 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा।
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इटावा। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की संस्तुति सार्वजनिक होने के बाद कर्मचारियों में विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

कर्मचारियों ने विकास भवन में गेट मीटिंग कर केंद्र सरकार को आगाह किया कि यदि उनके वेतन मान व भत्तों में वाजिब बढ़ोत्तरी नहीं की गई तो कर्मचारी एकजुट होकर जबर्दस्त विरोध करेंगे। रिपोर्ट में बड़े अधिकारियों को बहुत फायदा कराने की संस्तुति से कर्मचारी नाराज है। कर्मचारियों ने सौतेले व्यवहार किए जाने पर  आक्रोश व्यक्त किया है। सभी ने इसका एक सुर में  विरोध करने का निर्णय लिया है।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद निम्न श्रेणी को मात्र पांच सौ पचास रुपए और अधिकतम 3048 रुपए का इजाफा होने की उम्मीद की जा रही है। भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि कि वेतन में साढे़ तेइस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की बात कहकर कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है।

सभी कर्मचारी इस वेतन आयोग की रिपोर्ट का पुर जोर विरोध करते हैं। केंद्र सरकार अविलंब रिपोर्ट में संशोधन कर वाजिब हक को सम्मिलित करें अन्यथा कर्मचारी इसका जबर्दस्त विरोध करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक द्विवेदी ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट कर्मचारियों के साथ छलावा है। कर्मचारियों के वेतन व भत्ते में भारी कटौती कर दी गई है। जबकि अधिकारियों के वेतन व भत्ते में भारी बढ़ोत्तरी कर सौतेला व्यवहार कर कर्मचारी विरोधी काम किया गया है।

जिला मंत्री प्रदीप सक्सेना ने संचालन करते हुए कहा कि केंद्र व राज्य की सरकारें कर्मचारियों के हितों में कोई काम नहीं करती हैं। अधिकारियों के हितों के प्रति सरकार सजग रहती है जबकि कर्मचारियों को अपने संघर्ष के बल पर मांगों को पूरा कराती है। अब समय आ गया कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध करें।

 विजय बहादुर तोमर ने कहा कि बहुत समय से इसका इंतजार कर रहे थे लेकिन इस रिपोर्ट से निराशा ही हाथ लगी है। ऐसा लग रहा है कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वेतन न देने के लिए ही आयोग का गठन किया गया है। रिपोर्ट में मात्र तीन से चार प्रतिशत ही बढोत्तरी की संस्तुति की गई है। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष अवनीश मिश्र ने कहा कि वेतन आयोग की सिफारिश से राज्य कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारी इसके लिए बड़ा आंदोलन करेंगे।

इसके बाद विकास भवन के गेट व भोगनीपुर डिवीजन के हाल में कर्मचारियों ने मीटिंग कर कर्मचारियों को वेतन आयोग की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी गई और आगे आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा गया।
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बैठक में लेखाकार संगठन के जिला अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव समाज कल्याण से मुहम्म्द सलीम, कोषागार संघ से सुरेश मिश्र, रामकरन शाहू, उमेश त्रिपाठी कमलेश कुमार, सरोज गुप्ता, प्रदीप प्रजापति, आनंद यादव, सींचपाल संझा के प्रमोद शुक्ला  मौजूद रहे।
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