फोटो संख्या 13 यमुना में डूबी निशा की फाइल फोटो
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मंडप विसर्जन के दौरान बुधवार शाम यमुना नदी में नहा रही सात की बच्ची डूब गई। गुरुवार सुबह से दो गोताखोर उसकी खोजबीन में लगाए गए, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका। उसके डूबने से परिवार में मातम पसरा है।
बकेवर थाना क्षेत्र के अंदावा के मजरा मड़ैया मल्लाहन गांव में अरविंद निषाद की बेटी की शादी हुई थी। शादी के बाद बुधवार शाम करीब 5 बजे परिवार व पास पड़ोस के लोग यमुना नदी में मंडप विसर्जित करने गए थे।
इनमें अरविंद के पड़ोसी मजदूर राघवेंद्र सिंह निषाद की सात साल की बेटी निशा भी बहन प्रिया के साथ गई थी। हुजूम में आसपास के और भी बच्चे मौजूद थे। बड़ी बुजुर्ग महिलाएं नदी में मंडप विसर्जित करने लगीं।
इसी दौरान निशा अन्य बच्चों के साथ नदी में नहाने लगी। नदी के बहाव में अचानक वह गहराई में चली गई और डूब गई। निशा के डूबने से हो हल्ला मच गया। आनन फानन क्षेत्र के तैराक लड़कों ने उसे खोजना शुरू कर दिया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया।
सूचना पर बराउख चौकी के सिपाही मौके पर गए और स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्ची की खोजबीन कराई। फिर भी सफलता नहीं मिली। निशा के डूबने से परिवार में रोना पिटना मच गया।
गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बकेवर थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह ने चकरनगर क्षेत्र के नौगवां गांव से दो गोताखोर और नाव मंगवाईं। गोताखोरों ने नाव से काफी दूर तक बच्ची को तलाश किया, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया।
मजदूर राघवेंद्र की छह बेटियों में निशा पांचवीं संतान थी। उसके हादसे का शिकार होने से मां कलावती का रो रोकर बुरा हाल रहा। राघवेंद्र ने बताया कि उसके चचेरे भाई की बेटी की शादी हुई है। उसी का मंडल विसर्जित करने घर परिवार के लोग नदी पर आए थे।