अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने एक व्यक्ति की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी उम्मेद सिंह ने भरथना थाने में 28 जनवरी 2012 को मामला दर्ज कराया था कि उसका भतीजा वेदप्रकाश उर्फ बबलू पुत्र स्व. देवीदयाल शाक्य करीब 8 वर्ष पूर्व राधा पुत्री मानसिंह को भगा लाया था और उसे पत्नी बनाकर अपने घर मल्हौसी रह रहा था। राधा के संबंध अमित पुत्र श्रीकृष्ण शाक्य से हो गए थे।
27 जनवरी की रात वेदप्रकाश जो कि टीवी का मरीज था उसकी अमित व राधा ने रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना उपरांत मामला सुनवाई हेतु अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना के न्यायालय में पहुंचा।
गवाहों के बयान व प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के बाद शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार अपने तर्कों के जरिए वाद को सिद्घ करने में सफल रहे। न्यायाधीश ने राधा व अमित को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही दोनों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।