‘राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग की है। केंद्र सरकार से केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग की जाएगी।’ यह बात मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कही।
वह रिम्स के निरीक्षण के बाद गेस्ट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब थे। प्रदेश के कई जिलों की ग्राम पंचायतों में आबादी से अधिक वोटर बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उसका विश्लेषण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ज्यादा बने वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने दो चरणों में चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया है। रिम्स के निरीक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि यहां पर सारी काम ठीक चल रहा है। यह शासन की उच्च प्राथमिकता में है।
गौरतलब है कि मुख्य सचिव रिम्स शासी निकाय के अध्यक्ष हैं। इस नाते वह बोर्ड की बैठक में भाग लेने मंगलवार को स्टेट प्लेन से आए थे।
निरीक्षण के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रिम्स में पांच सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए तीन सौ बेड का अस्पताल, ट्रामा सेंटर आदि का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर लास्ट तक ट्रामा सेंटर के शुरू होने की भी संभावना है।
इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। इसके अलावा और आधुनिक इलाज की सुविधाएं देने के प्रस्ताव है। पंचायत चुनावों के लिए आबादी से अधिक वोटर बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ जिलों की ग्राम पंचायतों में ऐसी शिकायतें आई हैं। उसे ठीक कराने के लिए विश्लेषण किया जा रहा है।
दो चरणों में चुनाव कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आयोग ने प्रस्ताव दिया है। सितंबर से अक्तूबर तक दो चरणों में चुनाव कराए जाएं। राज्य निर्वाचन आयोग की मांग पर केंद्र सरकार से केंद्रीय बलों के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इससे पहले मुख्य सचिव को सैफई हवाई पट्टी पर उतरने पर गार्ड आफ आनर दिया गया। बोर्ड की बैठक के बाद वह स्टेट प्लेन से लखनऊ रवाना हो गए।
लायन सफारी में जल्द ही शेर-शेरनी आएंगे
प्रमुख सचिव ने यह भी खुशखबरी दी कि लायन सफारी में जल्द शेर और शेरनी का एक जोड़ा आएगा। इसके अलावा यहां चार शावकों की मौतें लापरवाही से न होने की बात भी उन्होंने कही।
वह बोले, पहली बार शेरनी शावकों को जन्म देने पर उनसे अच्छा व्यवहार नहीं करती हैं। शेरनी शावकों को दूध भी नहीं पिलाती हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर मुख्य संरक्षक वन रूपक डे पूरी तरह बचे हुए शावक पर नजर रख रहे हैं।
रिम्स आकर देखे विकास कार्य लेकिन मरीजों से नहीं की बात
सैफई (इटावा)। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (रिम्स) आकर विकास कार्यों का जायजा लिया। हालांकि इस दौरान मरीजों से बातचीत नहीं की।
निरीक्षण के दौरान रिम्स में बन रहे ट्रामा व बर्न सेंटर के साथ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण कार्यों की उन्होंने समीक्षा की। साथ ही उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का उद्घाटन भी किया।
बाद में उन्होंने संस्थान की शासकीय निकाय की बैठक में भाग लिया। मुख्य सचिव ने निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर, चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता, डीन प्रो केएम शुक्ला तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से संस्थान में हो रहे विकास कार्यों तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
संस्थान में बन रहे ट्रामा एवं बर्न सेंटर तथा पॉच सौ बेड के सुपर स्पेशलिटी चिकित्सालय के निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्य सचिव ने संस्थान के निदेशक, कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के आला अधिकारियों तथा अभियंताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों पर संतोष जताया।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मेडिकल कालेज निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों तथा स्टूडेंट्स की अटेंडेंस के लिए लगाए गए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का उद्घाटन किया। इस दौरान सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामर राजेश कुमार बासनेत ने नए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के बारे में जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने निदेशक डा. प्रभाकर, चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगे.) एसके गुप्ता तथा विभागाध्यक्षों के साथ संस्थान के इमर्जेंसी ब्लाक, मेडिकल आईसीयू, सर्जरी आईसीयू, स्त्री एवं प्रसूति वार्ड, बाल एवं शिशु रोग वार्ड ट्रामा और बर्न सेंटर देखा। संस्थान में मरीजों की भीड़ देखकर आश्चर्य जताया।
हालांकि उन्होंने किसी भी मरीज से इलाज के बारे में नहीं पूछा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नितिन बंसल, सीडीओ अशोक चंद, एसएसपी मंजिल सैनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कैफेटेरिया का किया उद्घाटन
पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने नवनिर्मित पैरामेडिकल कैफेटेरिया का उद्घाटन किया। उन्होंने पैरामेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं से पैरामेडिकल में सुविधाओं के बारे में भी उन्होंने जानकारी ली।
शासकीय निकाय की बैठक ली
इटावा। मुख्य सचिव आलोक रंजनने रिम्स में शासकीय निकाय की बैठक में भाग लिया। जहां संस्थान के निदेशक ने कर्मचारियों के वेतन विसंगति, कैडर रिव्यू, एकल नीति के अलावा ट्रामा एवं बर्न सेंटर पर मुख्य सचिव से विशेष चर्चा की।
इसके अतिरिक्त शासी निकाय की बैठक में संस्थान के निदेशक ने संस्थान में हो रहे विकास कार्यों एवं मरीजों के इलाज के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय के बनने के बाद 22 मल्टी स्पेशियलिटी एवं सुपर स्पेशियलिटी ब्रांचों में विभिन्न रोगों का इलाज संभव हो सकेगा।
इसके साथ ही अलग से प्रस्तावित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग तथा शिशु एवं बाल रोग विभाग के बन जाने से एक ही छत के नीचे महिलाओं तथा बच्चों के इलाज की सुविधा मिलेगी।