बकेवर। लुधियानी के ठाकुर रामजानकी मंदिर रामबाग आश्रम मामले में शुक्रवार को भरथना एसडीएम कोर्ट में सुनवाई होगी। दोनों पक्षों के लोगों एवं ग्रामीणों को सुनवाई का इंतजार है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष के दस्तावेज उप जिलाधिकारी भरथना को सौंप दिए हैं। उधर, मंदिर में केवल दैनिक पूजा आरती ही हो रही है।
बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम लुधियानी स्थित रामबाग आश्रम मंदिर पर मुख्य महंत परमानंद जी महाराज के निधन के बाद महंती पद के लिए दस दिन पहले विवाद खड़ा हो गया था। मंदिर के संत, नगला भजू, नगला खादर व भरईपुर के कुछ लोग मंदिर पर रहने वाले अवधेश दास को मुख्य महंत बनाना चाहते हैं।
जिसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई थी। 17 जून को महंती का विशाल भंडारा होना था। इसी भंडारे में अवधेशानंद को महंती सौंपने का कार्यक्रम था। लुधियानी गांव के लोग लुधियानी के सियाराम दास को मंदिर का महंत बनाना चाहते हैं।
इस बात को लेकर दोनों पक्षों के समर्थको में भरी तनाव पैदा हो गया। लुधियानी के रामबाग आश्रम मंदिर के नाम करीब 350 बीघा जमीन है। ये जमीन लुधियानी के बाहर इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर के पनकी जालौन उज्जैन आदि स्थानों पर है।
लुधियानी का रामबाग आश्रम भी मथुरा के जवाहर बाग बनने जैसी स्थिति में आ गया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। रामबाग आश्रम पर भारी पुलिस फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई ।
लुधियानी के लोगों के डीएम से भेंट करने के बाद तहसीलदार भरथना सुभाष यादव को आश्रम मंदिर का रिसीवर नियुक्त कर दिया। 17 जून को होने वाले भंडारे पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। मामले की जांच एसडीएम भरथना पीके तिवारी को सौंपी थी।
उन्होंने दोनों पक्षों को आश्रम मंदिर से संबंधित दस्तावेजों के साथ 24 जून को उनके समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा था । 24 जून को महंती के विवाद की सुनवाई को लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं। उधर, पुलिस ने दोनों पक्षों से करीब आधा सैकड़ा लोगों को शांतिभंग में पाबंद किया था।
पाबंद किए गए लोगों ने अपनी जमानत एसडीएम भरथना के यहां से करा ली है। उधर, मंदिर के रिसीवर सुभाष चंद्र ने किसी भी प्रकार के नवीन आयोजन पर रोक लगा रखी है। इस कारण मंदिर में पुलिस पीएसी की मौजूदगी में दैनिक आरती पूजा हो रही है। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने तीन दिन पहले दूसरे पक्ष के मंदिर कमेटी के सुदर्शन सिंह चौहान को फैसला होने तक आश्रम मन्दिर आने से मना कर दिया था।