इटावा। कृपालपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन लोगों को भी दे दिया गया जिनको लोहिया आवास का लाभ मिल चुका है। विधायक की सिफारिश पर हुई जांच में 7.20 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। अब सीडीओ ने रिकवरी की संस्तुति के लिए जांच रिपोर्ट डीएम जेबी सिंह को भेज दी है।
गांव कृपालपुर निवासी अनिल कुमार ने सदर विधायक से गांव में आवास आवंटन और शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने 17 अगस्त को सीडीओ से जांच कराने को कहा था। सीडीओ ने उपायुक्त स्वत: रोजगार और सहायक अभियंता डीआरडीए से जांच कराई। इसमें कई खामियां मिलीं।
गांव की लौंगश्री पत्नी रमेश को 2016-17 लोहिया आवास दिया गया था। दोबारा उन्हें सुधा पत्नी रमेश के नाम से प्रधानमंत्री आवास भी दे दिया गया। इसी तरह कैलाश पुत्र मुरली की पत्नी कपुरी को लोहिया आवास मिल चुका है। उनकी ही आईडी पर कैलाश को प्रधानमंत्री योजना के तहत आवास दे दिया गया। इस बार कैलाश के पिता का नाम सुरेश कर दिया गया।
लोहिया आवास लाभार्थी बसंती पत्नी सूबेदार को भी दुर्गावती के नाम से दोबारा प्रधानमंत्री योजना आवास के तहत आवंटन कर दिया गया। इसी तरह लोहिया आवास पा चुकीं आशा को जावित्री, उमा देवी को जावित्री और राजकुमारी को क्रांति के नाम से प्रधानमंत्री योजना के आवास मिल गए।
गांव के बलवंत के परिवार में विद्यावती पत्नी बलवंत, मीरा देवी पत्नी बाबूराम, शंकरी देवी पत्नी ओमकार को आवास का लाभ दिया गया। बलवंत का आवास पहले से पक्का बना है। इसी तरह मुरली के परिवार में विमला पत्नी रामवीर, मीरा देवी पत्नी अविरल और कपूरी देवी पत्नी कैलाश को भी आवास दिए गए।
पिता और पुत्र भूरे सिह व चंदा सिंह को भी अलग-अलग आवास आवंटित कर दिए गए। दोनों किस्त निकलने के बावजूद बड़ी संख्या में आवास अधूरे भी मिले। गांव को मिले 36 शौचालयों में कई अधूरे मिले।
सीडीओ राजा गणपति आर ने बताया कि आवास और शौचालय निर्माण में करीब 7.20 लाख की अनियमितता की गई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी जेबी सिंह को भेज दी गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों से रिकवरी कराई जाएगी।