जिले की मशहूर यमुनापारी बकरी और बकरों की नस्ल को बचाने के लिए पशु पालन विभाग ने चकरनगर के प्रजनन केंद्र चांदई में मेला लगाया। इसमें दूरदराज से लोग अपनी यमुनापारी बकरी और बकरों को लेकर आए। इस मौके पर कई पशुपालकों को पुरस्कार दिए गए।
मेले का उद्घाटन ब्लाक प्रमुख ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह यादव ने फीता काटकर किया। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एससी गुप्ता एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजपुर चकरनगर डा. जावेद इकबाल ने लोगों से यमुनापारी बकरी की नस्ल को बचाने की अपील की। इस मेले में मुंबई तक के बकरा पालकों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने बकरा लेकर आए पशुपालकों का चयन कर पुरस्कार दिया। अच्छे नस्ल के बकरों में रामबिहारी टिटावली को प्रथम, सर्वेश मानपुरा को द्वितीय, छोटेलाल सिरसा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। दो दांत के बकरों में विजय सिंह नगला पिलुआ को प्रथम, रामपूजन जॉंगरा को द्वितीय एवं प्रमोद नगला कढ़ोरी को तृतीय स्थान मिला।
चार दांत में मनोज सिरसा को प्रथम, किशन बिहारी नगला कढ़ोरी को द्वितीय, इंद्रपाल सिंह चौहान चकरनगर को तृतीय स्थान मिला, छह दांत में दीपक प्रेमपुरा को प्रथम, रामदास टिटावली को द्वितीय, बाबू सिंह तूमराकोला तृतीय स्थान मिला। निर्णायक मंडल ने इन सभी को पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम में यमुनापारी बकरी प्रजनन केंद्र चांदई के प्रभारी डा. अनिल वीर सिंह चौहान, डा. आर.बी. लाल, डा. विपिन अग्रवाल, डा. अजब सिंह, डा. प्रमोद कुमार, डा. आरके ़ित्रपाठी, डा. आर के गौड, डा. मंजू दोहरे, डा. शिव कुमार, डा. वैभव मिश्रा, पशुधन प्रसार अधिकारी बादाम सिंह ने बकरा-बकरी पालन से संबंधित टिप्स दिए।
समझाया कि बीमार बकरा-बकरियों को स्वस्थ पशुओं से अलग रखा जाए। उन्हें स्वच्छ पानी व चारा दिया जाए। प्रत्येक छह महीने के अंतराल में टीकाकरण कराने के साथ हर तीसरे महीने पेट के कीड़े की दवा जरूर खिलाई जाए। कार्यक्रम का संचालन पशुधन प्रसार अधिकारी अखिलेश यादव ने किया।