फोटो संख्या 23 अकालगंज की गलियों में सैनिटाइज करता नगर पालिका कर्मी
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इटावा। शहर के अकालगंज में शनिवार की देर रात 50 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई। स्टाफ के न आने पर परिजनों ने पीपीई किट पहनकर शव को एंबुलेंस में रखा। रविवार को यमुना तट पर प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि महिला के 59 साल के पति 22 अगस्त को कोरोना संक्रमित मिले थे। वह सैफई कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। उनके बाद परिजनों की हुई जांच में उनकी पत्नी संक्रमित मिली। वे अस्पताल न जाकर होम क्वारंटीन रहीं। शनिवार देर रात करीब पौने 11 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना पर वे रात में गए। चेकअप करने से पहले उनकी मौत हो गई थी।
महिला के बेटे ने डॉ. विनोद शर्मा को बताया कि मौत से पूर्व मां ने पापा से फोन पर बात की थी। उसके बाद तबीयत बिगड़ गई। मुंह से झाग निकल आया। मां को डायबिटीज और बीपी की बीमारी थी।
रविवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार करने के लिए आए शव वाहन में चालक के अलावा कोई अन्य कर्मी के न होने पर परिवार के चार लोगों ने पीपीई किट पहनकर शव को पैक किया। उसके बाद शव घर से निकालकर उसे वाहन में रखा और अंतिम क्रिया कर्म के लिए यमुना तट ले गए।
अकालगंज के सभासद व भाजपा नेता शरद वाजपेयी ने शव को घर से निकालने के लिए कर्मियों के न आने पर परिजनों के पीपीई किट पहनने पर आपत्ति जताई है। कहा कर्मियों को लाना चाहिए था। अकेले आए चालक ने चार पीपीई किट दी थी।
बताया कि मृतका सराफा कारोबारी की पत्नी थीं। जो संक्रमित होने पर सैफई कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। अंतिम समय मे पत्नी का मुख भी नहीं देख सके। घर पर उनका बेटा और बहू के अलावा नाती है। सभासद ने बताया शव जाने के बाद पूरे क्षेत्र अकालगंज वार्ड की गलियों को सैनिटाइज कराया।
नियमों का नहीं हुआ उल्लघंन
शव वाहन को लेकर केवल चालक ही जाता है। इसमें किसी तरह के नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है। घर के लोग ही पीपीई किट पहनकर शव को ले जाते हैं। बताया रात में डॉक्टर विनोद शर्मा को टीम के साथ घर भेजा था। अंतिम संस्कार के समय डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र शर्मा को भेजा था।
- डॉ. एनएस तोमर, सीएमओ