इटावा। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने आपातकालीन और आघात (ट्रॉमा) सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आपातकालीन एवं आघात संकटमोचन नेटवर्क का शुभारंभ किया है। इससे अब ट्रामा में सेवाएं और भी मजबूत हो सकेंगी।
यह अभिनव नेटवर्क आसपास के जिलों कन्नौज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी और इटावा, के स्वास्थ्य कर्मियों को गंभीर परिस्थितियों में मरीजों के लिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, परामर्श और त्वरित सहायता उपलब्ध कराएगा। कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर अजय सिंह ने बताया कि यह पहल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और त्वरित बनाने में सहायक सिद्ध होगी, जिससे संकट की घड़ी में मरीजों के जीवन को बचाने में मदद मिलेगी।
आपातकालीन एवं आघात संकटमोचन नेटवर्क व्हाट्सएप आधारित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगा। यह प्लेटफॉर्म आपातकालीन और आघात के मामलों में वास्तविक समय संचार, तत्काल विशेषज्ञ सलाह और शीघ्र निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करेगा। अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और तृतीयक स्तर के विशेषज्ञ केंद्रों के बीच की दूरी कम होगी और समन्वय बेहतर होगा। नैदानिक सहायता के साथ-साथ, इस नेटवर्क में प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इससे जुड़े चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को अद्यतन आपातकालीन प्रबंधन प्रोटोकॉल, केस-आधारित चर्चाओं और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभ मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता और रोगी देखभाल की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा। यह पहल स्वास्थ्य सेवा वितरण में नवाचार और क्षमता निर्माण के प्रति यूपीयूएमएस सैफई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।