चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के तिलक हॉस्टल में करंट की चपेट में आकर बीएससी (एजी) फाइनल ईयर के छात्र की मौत हो गई। छात्र मंगलवार सुबह ही इटावा स्थित अपने घर से आया था। अपने बड़े भाई के कमरे में रुका था और वहीं हादसा हो गया। सूचना पर परिजन हॉस्टल पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर चले गए।
इटावा के सैफई नगला हरे गांव निवासी मान सिंह यादव सैफई तहसील में मुंशी हैं। इनके तीन बेटे सीएसए में पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ा बेटा रिपुदमन एग्रोनॉमी से पीएचडी, हेमंत एमएससी (फाइनल ईयर) और छोटा बेटा प्रशांत यादव (20) बीएससी फाइनल ईयर में था।
बाल गंगाधर तिलक छात्रावास के कमरा नंबर पांच में रहने वाले भाई हेमंत ने बताया कि प्रशांत को कैंपस के अंबेडकर हॉस्टल में कमरा एलाट था लेकिन वह अक्सर उनके साथ ही रहता था। घर से आने के बाद प्रशांत उनके कमरे में आया और नहाने चला गया। वह दूॊरे कमरे में रहने वाले दोस्त के पास चले गए।
हॉस्टल का ही एक छात्र सुबह करीब 9:15 बजे उनके रूम में किसी काम से आया तो उसने देखा कि प्रशांत औंधे मुंह फर्श पर पड़ा है। टेबल फैन उसके ऊपर गिरा हुआ था। उसके शोर मचाने पर हेमंत और अन्य स्टूडेंट कमरे में पहुंचे और बोर्ड का तार निकालकर प्रशांत को रावतपुर स्थित जीटी नर्सिंग होम ले गए।
वहां डॉक्टरों के जवाब देने के बाद उसे हैलट ले गए, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर सूचना पर नवाबगंज एसओ प्रमोद शुक्ला पुलिस के साथ हॉस्टल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक प्रशांत के दाहिने पैर के अंगूठे में करंट से झुलसने का निशान था। एक्सटेंशन बोर्ड में लगा टेबल फैन का एक तार प्लग में था लेकिन दूसरा जमीन पर पड़ था।
इससे आशंका जताई जा रही है कि करंट के चपेट में आने से ही प्रशांत की मौत हुई। सूचना पर पिता मानसिंह यादव, चाचा, ताऊ सहित अन्य लोग भी हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए नवाबगंज पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया।
एसओ ने एसएसपी शलभ माथुर को इसकी जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने छात्र का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान सीएसए के रजिस्ट्रार राघवेंद्र सिंह, डीएसडब्ल्यू राजेन्द्र प्रसाद, डीन समीर पाल भी मौजूद रहे।