बरालोकपुर चौपला क्षेत्र में बिजली की बदहाल आपूर्ति से उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। 24 घंटे में बमुश्किल चार-पांच घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि फाल्ट, लाइन खराब के नाम पर पूरे दिन बिजली गायब रहती है। पिछले दो-तीन दिनों से रात में बिजली न आने से ग्रामीण परेशान हैं। क्षेत्र में अंधेरा व्याप्त होने से चोरी का खतरा भी बढ़ जाता है।
बारिश होने के कारण उमस भी बढ़ गई है। ग्रामीण उमस भरी गर्मी में जाग-जागकर रात काट रहे हैं। बरालोकपुर में बमुश्किल तीन से चार घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि फाल्ट रात के समय हुआ हो तो पूरी रात गर्मी में गुजारने को मजबूर होना पड़ता है।
कटौती का आलम यह है बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बिजली सब स्टेशन चौपला से करीब डेढ़ सौ गांव को बिजली आपूर्ति की जाती है।
पिछले तीन दिनों से रात में बिजली न आने से पूरे क्षेत्र में अंधेरा व्याप्त है। कनेक्शन धारकों ने जिलाधिकारी से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
बिजली सब स्टेशन चौपला को सैफई फीडर से सप्लाई दी जाती थी। अभी कुछ दिनों पहले बढ़ते लोड को देखते हुए इसकी सप्लाई ताखा क्षेत्र से बिछाई गई नई लाइन से की गई थी।
लेकिन नई लाइन से बमुश्किल 10 दिनों ही सप्लाई चल पाई और लाखों रुपये की लागत से लगाई गई नई लाइन विभागीय उदासीनता के कारण खराब पड़ी हुई है। इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।
इसके चलते पुन: सैफई फीडर से चौपला बिजली सब स्टेशन पर सप्लाई करने वाली लाइन को जोड़ा गया है। लेकिन यह लाइन भी काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। लाइन की मरम्मत न होने और पेड़ों के तारों से टकराने से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। बरसात व हवाएं चलने पर तमाम गांव में अंधेरा व्याप्त हो जाता है।
बारिश और तेज हवाओं के चलते महेवा बिजलीघर से जुड़े इकनोर फीडर की आपूर्ति बाधित रही जो कि बुधवार को सुबह 11 बजे के करीब चालू हो सकी।
महेवरा बिजलीघर से टाउन आपूर्ति सहित अनंतराम फीडर, अंदावा फीडर और इकनोर फीडर को आपूर्ति दी जाती है।
बीहड़ क्षेत्र होने के चलते हवाओं से पेड़ के गिरने और लाइन टकराने का खतरा रहता है, इसलिए हवा चलने या बरसात होने पर आपूर्ति बंद कर दी जाती है। मंगलवार को तेज हवा और बारिश के चलते आपूर्ति ठप रही।
इससे करीब 2 दर्जन से अधिक गांवों की बिजली गुल रही। बिजलीघर स्थित फीडर में कुछ कमी आने से आपूर्ति बुधवार की देर सुबह तक चालू हो सकी। इस बारे में जेई महेवा शशिकांत ने बताया कि रात में मौसम खराबी के चलते देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। जिसे पेट्रोलिंग कराकर सुबह सही करा दिया गया।
बकेवर। लखना में बिजली विभाग की उदासीनता के चलते मुहाल पुरावली दरवाजा में लगी केबल पोल पर न लगाकर मकानों के सामने लटक रही है। इन बरसात के दिनों में मकानों में करंट आने का अंदेशा बना हुआ है। मोहल्ले के लोगों ने इसे दुरुस्त कराने की मांग की है।
मुहाल पुरावली दरवाजा निवासी नरेंद्र सिंह चौहान फौजी, डॉ. अनिल सोनी ने एसडीओ और अवर अभियंता को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि नगर में बिजली आपूर्ति के लिए मोहल्ले में लगाई गई प्लास्टिक केबल पोलों पर न लगाकर मकानों के सामने लटका दी गईं हैं। इससे बरसात के समय मकानों में करंट आने का डर बना हुआ है। समस्या को लाइनमैनों को भी बताया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। केबल शॉट होने से मकानों में करंट फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए मोहल्ले की लटकी बिजली की केबल को पोलों पर सही ढंग से लगवाए जाने की मांग की गई है।