तहसील दिवस के दौरान चकरनगर व महेवा की एक सैकड़ा से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने खूब हंगामा किया। उन्होंने सभागार के मेन गेट का घेराव कर लिया। इससे अधिकारी अंदर ही फंस गए। बाद में डीएम की गाड़ी को घेरा। कार्यकत्रियों त्योहाराें पर अवकाश न दिए जाने और बीएलओ एवं पल्स पोलियो कार्यक्रमों में ड्यूटी लगाए जाने से नाराज थीं।
इस बीच कार्यकत्रियों की पुलिसकर्मियों से भी झड़प हुई। मंगलवार को चकरनगर तहसील सभागार में जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल के नेतृत्व के तहसील दिवस चल रहा था। इसी बीच महेवा और चकरनगर ब्लाक की एक सैकड़ा कार्यकत्रियां अपनी शिकायत लेकर पहुंची। पुलिस कर्मचारियों ने सभी कार्यकात्रियों को एक साथ अंदर नहीं जाने दिया।
इस पर कार्यकत्रियां भड़क गईं और तहसील सभागार के गेट को घेर लिया। इस कारण सभागार में लोगों का आना-जाना नहीं हो पाया। आंगनबाड़ी कार्यकात्रियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम चकरनगर प्रमोद तिवारी, सीओ रामकृपाल भारतीय ने कार्यकत्रियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं।
इसके बाद मौके पर चकरनगर, बिठौली, भरेह, सहसों थानों का फोर्स पहुंचा और कार्यकत्रियों को हटाने का प्रयास किया। बाद में महिला पुलिस को बुलाकर कार्यकत्रियों को गेट से हटाया गया। इस बीच कार्यकत्रियों की पुलिसकर्मियों से भी झड़प हुई। कार्यकत्रियों ने पोर्टिको में खड़ी टीम की कार को भी घेर लिया।
इस कारण डीएम को तहसील दिवस खत्म होने के बाद भी काफी समय तक तहसील सभागार में ही रुकना पड़ा। बाद में जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से उनकी मांगों के संबंध में जानकारी ली और उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का गुस्सा शांत हुआ।