जिले के दस परिषदीय विद्यालयों में ही सही बच्चों को आरओ का शुद्ध और साफ पानी पीने को मिलने लगा है। यहां नेडा ने सोलर सिस्टम स्थापित कर दिए हैं। इससे न सिर्फ सबमर्सिबल पंप चलेगा बल्कि तीन कमरों में पंखे भी चलेंगे।
जिले में ऐसे तमाम परिषदीय विद्यालय हैं, जहां के बच्चों को पानी पीने के लिए अपने घर की दौड़ लगानी पड़ती है। स्कूल में या तो हैंडपंप नहीं हैं या फिर उनसे जो पानी निकल रहा है, वह पीने योग्य नहीं है।
नौनिहालों की इसी परेशानी को देखते हुए यूपी सरकार ने बच्चों के लिए आरओ वाटर की सुविधा मुहैया कराई है। यह बात दीगर है कि अभी यह प्रयास परिषदीय विद्यालयों की कुल संख्या 1895 को देखते हुए काफी कम मानी जा सकती है। फिर भी पहले चरण में चयनित किए 10 प्राइमरी विद्यालयों के बच्चों की प्यास अब आरओ के पानी से बुझ सकेगी।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) ने 2.60 लाख रुपये से इन विद्यालयों में सोलर सिस्टम के पांच मॉड्यूल स्थापित किए गए हैं। इससे एक किलोवाट का सोलर पॉवर प्वाइंट तैयार किया गया है। इसके साथ ही एक हॉर्स पॉवर का सबमर्सिबल पंप भी स्थापित किया गया है। जो इसी वैकल्पिक ऊर्जा से चलेगा।
सबमर्सिबल पंप के पानी को शुद्ध करने के लिए आरओ वाटर प्लांट लगाया गया है। एक हजार लीटर की टंकी रखवाई गई है। इस पानी से ही मिड डे मील बनेगा। बच्चों के लिए आरओ प्लांट से जोड़कर नलों की टोटियां लगवाई गई हैं। इससे बच्चों को स्वच्छ पानी पीने को मिलेगा।
यहां लगे सोलर सिस्टम
अकबरपुर, चितभवन, रायनगर, जनकपुर, वैदपुरा, बहेड़ा, मामन, मानिकपुर विसू, कांधनी, विरौंधी के स्कूलों में।
अन्य विद्यालयों में भी लगेंगे
यह योजना जिले के अन्य विद्यालयों में भी लागू होगी। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में कुछ अन्य जिलों के विद्यालयों में भी इसी तरह सोलर सिस्टम विकसित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी जिलों के कुछ विद्यालयों में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद दूसरे चरण में जिले के अन्य विद्यालय इस योजना में शामिल किए जाएंगे।