उप्र किसान सभा ने कृषि संकट एवं ग्रामीण आर्थिक बदहाली के खिलाफ तहसील में धरना प्रदर्शन कर केंद्र और प्रदेश सरकार को कोसा।
जन
समस्याएं को हल कराने के लिए 11 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम जसवंतनगर हंसराज
यादव को सौंपा। मांग की कि बीएलओ द्वारा वोटर लिस्ट से गलत तरीके से काटे
गए नामों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए। साथ ही दोषी बीएलओ के खिलाफ
कार्रवाई की जाए।
तहसील परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन में
प्रांतीय कोषाध्यक्ष मुकुट सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की
नीतियों के चलते किसान गरीब होते जा रहे हैं। मांग की कि मोदी सरकार
किसानों की जमीन छीनने वाला अध्यादेश वापस ले, भूमि अधिग्रहण पर नौकरी
मिले, उप्र सरकार जमीन बैनामा से लेकर किसानों को उचित मुआवजा पुनर्वास के
लाभों से वंचित न करे।
सर्किल रेट का छह गुना मुआवजा व स्थायी
नौकरी का चुनावी वादा पूरा करे। उप्र सरकार खाद्य सुरक्षा लागू कर 75
प्रतिशत पात्र लोगों को राशन देना शुरू करे। इसके अलावा भी कई मांगें शामिल
रहीं।
जिलाध्यक्ष विशंभर नाथ वर्मा, मंत्री संतोष शाक्य, वासुदेव
सिंह, रामबरन सिंह ने भी संबोधित किया। सुरेश चंद्र, प्रेम किशन, सुरेश
कुमार, महेश कुमार, रघुवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रभुदयाल, कैलाश चंद्र,
विजय पाल, मुलायम सिंह, शैतान सिंह, रामबीर, प्रमोद कुमार, विद्याराम भी
मौजूद रहे।