इटावा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में शहर का माहौल बिगाड़ने पर दो हजार अज्ञात मुस्लिमों के खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की गई है। शहर कोतवाली अनिल मणि त्रिपाठी की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमे में धारा 144 के उल्लंघन, सरकार विरोधी नारेबाजी और आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा करने के आरोप लगाए गए हैं।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पुरोहितन टोला, पचराहा मस्जिद के बाहर और उर्दू मोहल्ला में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को दिए थे। करीब 2:20 बजे कानून के विरोध में स्टेशन रोड पर रेलवे रोड पुलिस चौकी के पास करीब पांच हजार लोगों की भीड़ जुट गई और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्टेशन रोड की सभी दुकानें बंद हो गईं और लोग घरों में दुबक गए। सूचना पर डीएम जेबी सिंह, एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और भारी फोर्स के साथ पहुंचे। स्टेशन रोड को शास्त्री चौराहा और नौरंगाबाद चौराहे की ओर से बंद कर दिया गया। डीएम और एसएसपी के सामने भी नारेबाजी होती रही। एसएसपी ने इस्लामियां इंटर कॉलेज प्रबंध कमेटी से जुड़े मसरूर हुसैन के साथ शांति की अपील कर प्रदर्शनकारियों को करीब 4:45 बजे शांत करा पाए थे। एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि दो हजार अज्ञात मुस्लिमों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। भीड़ में कौन शांति की अपील कर रहा था और कौन माहौल बिगाडने की कोशिश कर रहा था, इसकी जांच कराई जा रही है। मौके के वीडियो फुटेज से माहौल बिगाडने वाले चिह्नित किए जाएंगे। एसएसपी ने लोगों से शांति की अपील की साथ ही ये भी हिदायत दी है कि उपद्रव की कोशिश करने वालों के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को कई जगह प्रदर्शन और रेलवे रोड पर बड़ी भीड़ जुटने की खबर से शहर के आम लोगों की धड़कनें बढ़ गई थीं। इसका असर शाम को शहर की सड़कों से लेकर नुमाइश तक में देखा गया। नुमाइश पंडाल में हुई गजल संध्या में बमुश्किल 50-60 लोग मौजूद थे। इसमें 15 से अधिक अधिकारी थे। नुमाइश में भी रात में न के बराबर भीड़ रही, झूले भी बंद रहे। दुकानदारों को इस बात की चिंता थी कि अगर नुमाइश में भीड़ नहीं आई तो उनके कारोबार का क्या होगा। इसी आशंका में शनिवार को सुबह हुई लेकिन दिन चढने के साथ सब सामान्य होता गया। सुबह 10 बजे से दुकानें खुलने लगीं और शाम तक आम दिनों की तरह बाजार में चहल पहल रही। नुमाइश में भी शहरियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोग पहुंचे।