तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूर जगसौरा मौजा के नगरिया भात में सोमवार की रात तेज बरसात में एक घर की कच्ची दीवार भरभराकर गिर पड़ी।
मलबे में दबकर बालिका की मौत हो गई, जबकि दंपति दबकर घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव के तेजबहादुर सिंह का परिवार घर में ईंट की कच्ची दीवार के सहारे पड़ी टिन की चादर के नीचे सो रहा था। सोमवार शाम शुरू हुई बारिश के चलते रात करीब 12 बजे के करीब कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई।
इसमें तेज बहादुर सिंह, उनकी पत्नी अर्चना और आठ माह की बेटी संतोषी मलबे में दब गई। आसपास के लोग दीवार गिरने की आवाज सुनकर दौड़े और मलबे से परिवार को बाहर निकला, लेकिन तब तक संतोषी की मौत हो चुकी थी। दंपति बुरी तरह घायल हो गए।
जिन्हें जिला अस्पताल भिजवाया गया। दीवार गिरने से गृहस्थी का सामान भी दबकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि दीवार ईंटों से बनाकर गारा से जोड़ी गई थी। तेज बरसात होने पर दीवार ढह गई।
मंगलवार सुबह तहसीलदार रामानुज सिंह और लेखपाल ने पहुंचकर मौका मुआयना किया। पीड़ित को आपदा राहत कोष से सहायता राशि देने की कार्रवाई
तेज बरसात के कारण सोमवार को कस्बे के उच्च प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल गिर गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय तिवारी ने पास में मौरंग का ढेर पड़े होने से दीवार गिरने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि दीवार के किनारे मौरंग पड़ी है, जिसके दबाव से दीवार गिरी है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। वहीं विद्यालय के पास रहने वाले रमाकांत त्रिपाठी, उमाकांत, राजेंद्र, कल्लू का कहना है कि दीवार काफी पुरानी थी और दूसरी ओर मिट्टी भी नहीं है, जिससे बरसात में दीवार ढह गई।