रविवार को दोपहर आसमान में छाए बादलों ने रिमझिम बरसना शुरू किया तो एक बार फिर से सर्द हवाओं ने ठंड का अहसास करा दिया। वसंत पंचमी निकल जाने के बाद भी ठंड के तेवर ढीले पड़ते नजर नहीं आ रहे। सर्दी के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त है। सबसे अधिक मुसीबत रोज कमाने खाने वालों के सामने है। मौसम खराब होने के कारण न तो काम मिल रहा है और न ही सर्दी से राहत।
रविवार को सुबह आसमान में हल्की कोहरे की परत तो छाई हुई थी लेकिन बादल नही थे। करीब 11.30 बजे हल्की धूप खिली तो ठंड से कांपते लोगों ने राहत की सांस ली। थोड़ी देर के बाद चारों ओर से बादल घुमड़ आए और रिमझिम बरसात शुरू हो गई। देर शाम तक बूंदाबांदी होती रही।
मौसम का मिजाज बिगड़ जाने से रविवार को न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 4.8 डिग्री पर आ गया। अधिकतम 18.6 रहा है। उधर लगातार आसमान में बादल छाए रहने तथा कोहरे के कारण आलू की फसल क ो लेकर किसानाें में चिंता देखी जा रही है। आलू की फसल में झुलसा रोग लगने क ी आशंका बढ़ गई है। कृषि विभाग के अधिकारियो का कहना है किे यदि ऐसा ही मौसम रहा तो चना, अरहर, मटर, तथा सब्जियाें की फसल को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा।