ट्रैक पर दौड़ रही पेट्रोल से भरी टंकी स्पेशल ट्रेन
हादसे का शिकार होते-होते बची। ट्रेन के बीस टैंकों से पेट्रोल का तेज
रिसाव हो रहा था। इटावा स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो यात्रियों ने पेट्रोल का
रिसाव होते देख रेलवे अफसरों को जानकारी दी। लीकेज ठीक करने की बजाय रेलवे
अफसरों ने लापरवाही बरती।
करीब तीन घंटे बाद रेलवे कर्मचारी लीकेज
ठीक करने निकले। कुछ लीकेज ठीक हुए। कुछ को कर्मचारी भी ठीक नहीं कर पाए।
देर शाम बिना लीकेज ठीक किए ही ट्रेन रवाना कर दी गई।
गुरुवार को
मथुरा रिफाइनरी से एक टंकी स्पेशल ट्रेन पनकी कानपुर के लिए पेट्रोल भरकर
रवाना हुई। पेट्रोल भरे टैंकों के वाल्वों से लीकेज हो रहा था। रास्ते भर
करीब बीस टैंकों से पेट्रोल का रिसाव होता रहा।
दोपहर 3.20
एक्सप्रेस ट्रेनों को क्रास कराने के लिए स्पेशल ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर
चार पर रोका गया। ट्रेन खड़ी हुई तो मेन लाइन की साइड यात्रियों ने टैंकों
से पेट्रोल का तेज रिसाव होते हुए देखा। यात्रियों ने तत्काल जानकारी
आरपीएफ के साथ ही रेलवे अधिकारियों को दी।
संवेदनशील मामला होने के
बाद भी रेलवे अफसरों ने लापरवाही बरती। शाम छह बजे तक कोई भी रेलकर्मी
लीकेज ठीक करने नहीं आया। जानकारी होने पर मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे।
मीडिया के आने की जानकारी होने पर ठीक तीन घंटे बाद शाम साढ़े छह बजे रेलवे
अफसर और कर्मचारी सक्रिय हुए।
टीएक्सआर ने लीकेज ठीक करने का
प्रयास किया। कुछ ही टैंकों का लीकेज ठीक कर पाए। लीकेज ठीक करने में
कामयाबी न मिलने पर देर रात ट्रेन आगे रवाना कर गई। स्टेशन अधीक्षक आरके
त्रिपाठी ने बताया कि टैंकों के वाल्व में समस्या थी। इससे टैंकों से
पेट्रोल लीक कर रहा था। टीएक्सआर को मौके पर भेजकर लीकेजों को ठीक कराकर
ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना किया गया।
पेट्रोल का रिसाव होता देख
प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों ने बोतलों से पानी फेंक दिया। यात्रियों ने
बोतलों में पेट्रोल भरना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में पेट्रोल भरने वालों
की भीड़ भीड़ जमा हो गई।
कई यात्री बोतलों में पेट्रोल भरकर ले गए।
सूचना पर आरपीएफ के सिपाही मौके पर पहुंचे और पेट्रोल भर रहे तीन
यात्रियों को पकड़ लिया। बाद में बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया।
पेट्रोल
का रिसाव संवेदनशील है। छोटी से चिंगारी से ट्रेन में आग लग सकती थी। मेन
लाइन से लगातार ट्रेेनें गुजर रही थीं। अगर कोई चलती ट्रेन से जलती बीड़ी
या सिगरेट फेंक देता तो ट्रेन को आग का गोला बनने से कोई नहीं रोक सकता था।
सूचना के बाद भी आरपीएफ ने लापरवाही बरती। खबर मिलने के काफी देर
बाद आरपीएफ मौके पर पहुंची। पेट्रोल भर रहे तीन यात्रियों को पकड़ने के बाद
आरपीएफ जवान चले गए।