इटावा। तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में बीते दिनों हुई पुलिस फायरिंग को लेकर वकीलों में गुस्सा कायम है। शुक्रवार को डीबीए व सीवीए वकीलों ने हड़ताल रखी और कोई काम नहीं किया। पहले से हड़ताल किए जाने की घोषणा के चलते वादकारियों की संख्या भी कम दिखी। कचहरी में रोज की अपेक्षा काफी कम हलचल नजर आई।
रोजमर्रा के समय पर अधिवक्ता कचहरी पहुंचे और डीबीए अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद सिंह गौर व महामंत्री साकेत शुक्ला, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय दुबे व महामंत्री अरुण कुमार गुप्ता की संयुक्त अगुवाई में शांतीपूर्ण ढंग से जलूस निकाला और कचहरी मार्ग पर घूमे। बाद में हड़ताल पर रहने का एक ज्ञापन जिला जज को दिया।
डीबीए अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में पुलिस ने जिस बर्बरतापूर्वक अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज किया। उसके विरोध में उत्तरप्रदेश बार काउंसिल ने हड़ताल का आह्वान किया था। विरोध दर्ज कराने के लिए अधिवक्ताओं ने किसी न्यायालय में कोई काम नहीं किया और एकजुटता दर्शाते हुए हड़ताल को सफल बनाया।
डीबीए के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हड़ताल के दौरान न ही कोई हाजरी माफी व स्थगन का प्रार्थना पत्र दिया गया और न ही न्यायालय परिसर में स्टांप वैंडर, फोटो स्टेट की दुकानें खुली व नोटरी शपथ पत्र बने। सभी मुकदमों में सामान्य तारीख लगाई गई।
विरोध स्वरूप ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र सिंह कुशवाह, रज्जन गौर, महेंद्र सिंह चौहान, मोहसिन अली, अरुण गौतम, अवधेश चतुर्वेदी, बुद्धप्रकाश श्रीवास्तव, नितिन तिवारी, कृष्ण प्रताप सिंह भदौरिया, सत्येंद्र यादव, कार्यालय प्रभारी तुलाराम राजपूत शामिल रहे।