इटावा। रिक्तपदों को भरने, भत्ता बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर पांच नवंबर से पांच दिसंबर तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। आंदोलन की शुरुआत पांच नवंबर को अतिरिक्त कार्यभार छोड़ने के साथ करेंगे। अतिरिक्त कार्यभार छोड़ने से आय, निवास प्रमाणपत्रों में रिपोर्ट लगाने के साथ खसरा खतौनी आदि में लोगों को दिक्कत आएगी।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने बताया कि जिले छह तहसीलों में 752 राजस्व गांव और 226 लेखपाल क्षेत्र हैं। इस लिहाज से कम से कम 266 लेखपालों की तैनाती होने चाहिए लेकिन केवल 166 लेखपाल ही तैनात हैं। एक-एक लेखपाल के पास कई-कई गांवों का अतिरिक्त प्रभार है। यही हाल पूरे प्रदेश का है। लेखपालों से काम तो जरूरत से अधिक लिया जा रहा है लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रही हैं। इसके चलते लेखपाल संघ के प्रदेश संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है।
इसकी शुरुआत पांच नवंबर से होगी। उस दिन लेखपाल अतिरिक्त प्रभार वाले राजस्व गांवों का बस्ता जमा तहसीलों में जमा कर देंगे। 14 नवंबर को लेखपाल संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय पर रक्तदान करेंगे। 19 नवंबर को तहसीलों में सभी लेखपाल एकत्रित होकर मोटर साइकिल रैली निकालेंगे।
लेखपाल अपने निजी वाहन बाइक का प्रयोग शासकीय कार्य संपादन में नहीं करेंगे और सार्वजनिक वाहन से कार्य करेंगे। सरकारी कार्य में विलंब के लिए लेखपाल उत्तरदायी नहीं होंगे। माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को ही उपस्थित होंगे। 26 नवंबर को तहसील में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद निर्वाचन कार्य में बीएलओ एवं सुपरवाइजर की लिखित ड्यूटी ही करेंगे। पांच दिसंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे।