इटावा। किसानों के समर्थन में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा को सौंपा। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रघुराज सिंह शाक्य ने किसान कानून को किसान विरोधी बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि किसानों का हित चाहती है तो उसे उनकी मांगें मान लेनी चाहिए। केंद्र की भाजपा सरकार किसान विरोधी है। पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाकर किसानों को फसल का वाजिब दाम न मिलना जैसी अनेक समस्याओं से किसान परेशान हैं।
जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि कृषि विरोधी कानून के विरोध में दिल्ली आ रहे पंजाब व हरियाणा के किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस व पानी की बौछार छोड़ी जा रही है। अन्नदाताओं पर ऐसा अत्याचार करने वालों को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। लोकतंत्र में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, यही लोकतंत्र की ताकत है। बातचीत के तहत बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। जन आकांक्षा के दमन और लाठीचार्ज के लिए लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है।
प्रमुख महासचिव कृष्ण मुरारी गुप्ता ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का स्पष्ट मत है कि नए कानूनों के तहत सरकार मंडियों को छीनकर कारपोरेट कंपनियों को देना चाहती है। इससे अधिकांश छोटे किसानों के पास न तो न्यूूनतम समर्थन मूूल्य के लिए लड़ने की ताकत है और न ही इंटरनेट पर अपने उत्पादों का सौदा कर सकते हैं। सरकार के इन तथाकथित सुधारों में न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई चर्चा नहीं है।
इस दौरान अनवार हुसैन, प्रशांत वर्मा, वीपी यादव, विक्की गुप्ता, आलोक दीक्षित, फरहान शकील, प्रशांत शाक्य, कामिल कुरैशी, अमित यादव, असित यादव, धर्मपाल सिंह, कोमल सिंह, सचिन यादव, केके यादव, ऋषि यादव आदि उपस्थित रहे।