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पराली जलाने से रोकने पर लेखपालों को मिल रही धमकियां

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इटावा। पराली को लेकर इन दिनों लेखपाल और किसान दोनों परेशान हैं। पराली जलाने से रोकने की जिम्मेदारी लेखपालोें को सौंपी गई है। वहीं लेखपालों ने अपनी जान की सुरक्षा की मांग की है। किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी से लेखपाल घबरा रहे हैं।
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आरोप है कि किसान लेखपालों को धमका रहे हैं। लेखपालों को धमकी मिलने पर डीएम को पत्र लिखकर कृषि विभाग व संयुक्त टीम से कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने जिलाधिकारी जेबी सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि जनपद में फसल के अवशेष जलाने पर रोक लगने के बाद उन पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी लेखपालाें को सौंपी गई है।
लेखपालों के द्वारा क्षेत्र के किसानों पर नजर रखने के कारण किसान लेखपालों के विरोध में आ गए हैं। कार्रवाई करने के बाद सभी तहसील के लेखपालों को लगातार धमकियां मिल रही है।
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जनपद में 226 लेखपाल क्षेत्र हैं, जिसमें कुल 166 लेखपाल जनपद में कार्यरत हैं। इन लेखपालों को जमीन सबंधी कार्य करने के लिए क्षेत्र में अकेले जाना पड़ता है। धमकी मिलने के कारण लेखपालों को क्षेत्र में जाने से भय भी लग रहा है।
उन्होंने जिलाधिकारी जेबी सिंह से कहा कि पराली जलाने की सूचना देने से किसान धमकी दे रहे हैं। कार्रवाई कृषि विभाग अथवा संयुक्त टीम से कराई जाए। लेखपालों ने उत्पीड़ात्मक कार्रवाई समाप्त करने की मांग की है।
चौबिया थाने में लेखपाल आशीष कुमार ने धमकी मिलने पर 10 नवंबर को थाने में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। किसानों के विरोध में आने के कारण उन्हें क्षेत्र में कार्य करने में परेशानियां हो रही हैं। जमीन से जुडे़ हुए मामलों को लेकर लेखपालों को गांव- गांव जाना होता है।
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