भरथना (इटावा)। बस चलाते मोबाइल पर बात करना हादसे का सबब बन गया। भरथना-बिधूना मार्ग पर पक्का ताल के मढाला गांव के पास प्राइवेट बस असंतुलित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गई। बस में सवार करीब 50 यात्री घायल हो गए। कुछ घायल परिजनों के साथ चले गए, जबकि 11 यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चालक और हेल्पर बस छोड़ कर भाग निकले। बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं। कुछ यात्री छत पर भी बैठे थे।
रविवार की सुबह करीब 5:45 बजे प्राइवेट बस सवारियां लेकर बिधूना के लिए रवाना हुई। यात्रियों की संख्या अधिक होने के चलते चालक ने कुछ यात्रियों को बस की छत पर बिठा दिया। बस अन्हैया नदी पुल को पार कर मढाला गांव और पक्के ताल के बीच पहुंची। जिला अस्पताल में भर्ती यात्रियों ने बताया कि बस की रफ्तार तेज थी, इस बीच चालक के मोबाइल पर कॉल आई औप वह बात करने लगा। इस दौरान स्टेयरिंग पर चालक का संतुलन बिगड़ गया।
हिचकोले खाने से दोनों पहियों के पट्टे टूट गए। बस असंतुलित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गई। ज्यादातर यात्रियों को मामूली चोटें आई थी। वे वहां से सीधे अपने घर व प्राइवेट अस्पतालों में चले गए। मौके पर एसडीएम हेम सिंह व थाना प्रभारी जेपी पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीओ विकास जायसवाल ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारियों बैठाने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बस की छत पर बैठे यात्रियों को गंभीर चोटें आईं
बस की छत पर बैठे जनपद कन्नौज के थाना इंदरगढ़ के ग्राम हसेरन बरौली निवासी किशोरनाथ, उनकी पत्नी पानकी देवी व अपने बच्चे पिंटू, ओमनाथ, सोनूनाथ, बालकरामनाथ, बच्चूनाथ, भाटिया नाथ, रोहित, निर्मला, यशोदा, बाबानाथ, पूरन नाथ, लालनाथ तथा प्रिया निवासी ग्राम कोडर थाना किशनी जनपद मैनपुरी, मजनू नाथ, रामकिशननाथ, गौरव नाथ, मिट्ठूनाथ, नन्हे नाथ, बाबूनाथ, शेर नाथ, सोमनाथ सहित करीब 50 यात्री घायल हो गए।
चालक का मोबाइल पर बात करना बना हादसे का कारण
भरथना। भरथना बिधूना रोड पर तेज गति से चल रही बस में चालक का मोबाइल पर बात करना ही दुर्घटना का मुख्य कारण बना। यात्रियों ने बताया कि बस की गति 60-70 किमी की रही होगी। बस को गड्ढाें के बीच से निकालने में संतुलन की जरूरत पड़ती है। इस पर ध्यान देने के बजाय चालक मोबाइल पर बात करने लगा। मोबाइल पर बातचीत करते करते ही बस का संतुलन बिगड़ गया और बस खड्ड में जा गिरी। बस के खड्ड में गिरने से पहले ही चालक और हेल्पर बस से कूदकर फरार हो गए।
बस के खड्ड में गिरते ही छत पर बैठे यात्री उछल कर खेतों में जा गिरे। वहीं, अंदर बैठे यात्री एक के ऊपर एक गिर पड़े। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग मदद को दौड़ पड़े। गांव वालों ने अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। इसी बीच एसडीएम और थाना प्रभारी वहां पहुंच गए। एंबुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया।
ज्यादातर यात्री दीपावली के त्योहार पर बुलंदशहर से लौटकर अपने गांव हसेरन कन्नौज जा रहे थे। शनिवार रात संगम एक्सप्रेस से भरथना रेलवे स्टेशन पर उतरे और प्राइवेट बस से अपने गांव बरौली व हसेरन थाना इंदरगढ़ जनपद कन्नौज के लिए जा रहे थे। गंभीर हालत होने के चलते भाटियानाथ, शेरनाथ, सोनूनाथ, बाबूनाथ, बाबानाथ, पूरननाथ, बच्चूनाथ, गौरवनाथ, ओमनाथ, सेजनाथ, ओमनाथ, नन्हानाथ, रामपाल, मिठ्ठननाथ को उपचार के लिए जिला अस्पताल के लिए भेजा गया। जहां से पूरननाथ पुत्र गुलाबनाथ की गंभीर हालत को देखते हुए सैफई रेफर कर दिया गया। किशोरनाथ, पानकी देवी, लल्लानाथ, प्रिया सहित अन्य घायलों को मरहम पट्टी कर उन्हें प्राइवेट वाहन से उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया।
एसडीएम व चौकी प्रभारी ने की मदद
रविवार सुबह एक साथ कई मरीजों के सीएचसी आने के दौरान स्टाफ कम होने से एसडीएम हेम सिंह व कस्बा चौकी प्रभारी शशिपाल भारद्वाज ने स्वयं ही मरीजों को उठाकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया।
गड्ढामुक्त होती सड़क तो न होता हादसा
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात उनके अफसर मान लेते और सड़कों को गड्ढामुक्त कर देते तो शायद ये हादसा नहीं होता। गौर करने की बात तो ये है कि यह मार्ग इटावा-कन्नौज के बीच एनएच-91 हाईवे है। फिर भी इस मार्ग पर स्थित मढाला गांव और पक्केताल के बीच में सड़क पर काफी गड्ढे हैं। जिन्हें देखकर भी जिले के आला अधिकारी अनदेखा कर देते हैं।
बस यूनियनों के साथ बैठक करेंगे एसडीएम
एसडीएम हेम सिंह ने बताया कि वह जल्द ही बस यूनियन की बैठक करेंगे। इस बस हादसे के बाद भरथना-बकेवर, भरथना-बिधूना, भरथना-इटावा, भरथना-ऊसराहार रोड पर चलने वाली बसों के यूनियन प्रभारी को बुलाकर बैठक कर बसों की फिटनेस, ओवरलोड के साथ अन्य विषय पर चर्चा की जाएगी। जिससे इस तरह की घटना दोबारा न हो सके।