इटावा। सेंट्रल जेल महोला में एक माह से चोरी के मामले में विचाराधीन बंदी की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज दौरान मौत हो गई। बेटी ने जेल के अंदर बंदी से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप लगा प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी को सीने में दर्द व सांस लेने में दिक्कत थी। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई है।
मध्यप्रदेश के भिंड जिला के उमरी थाना क्षेत्र के ग्राम अकोड़ा हाल पता भिंड कोतवाली के मीरा कॉलोनी निवासी विचाराधीन बंदी संजय शर्मा (45) ने चोरी के मामले में एक माह से केंद्रीय कारागार महोला में निरुद्ध था। उसे चार अप्रैल को पछायगांव थाना पुलिस ने माता मंदिर से चांदी का छत्र चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था जिसके बाद से वह जेल था। जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला ने बताया कि विचाराधीन बंदी संजय शर्मा को बुधवार शाम पांच बजे अचानक सांस लेने व सीने में दर्द की शिकायत होने पर बुधवार शाम इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान बंदी संजय ने गुरुवार सुबह साढ़े चार बजे दम तोड़ दिया।
वहीं, पिता की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची विवाहित बड़ी बेटी प्रज्ञा ने पिता की मौत को लेकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पिता के साथ जेल के अंदर मारपीट की गई है। उसने बताया कि जब उसने पिता का शव देखा तो उनकी नाक और कान पर गहरी चोट के साथ खून बह रहा था। इससे जाहिर होता है कि उन्हें जेल में बुरी तरह पीटा गया है। यह भी आरोप लगाए कि जेल प्रशासन ने बुधवार शाम पांच बजे ही पिता को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था लेकिन इसकी सूचना परिवार को नहीं दी थी। बेटी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।