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हरकुंजलपुर प्रधानी मामले में भूख हड़ताल पर बैठे थे ग्रामीण

Fri, 17 Jun 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /इटावा
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तहसील ताखा में भूख हड़ताल पर बैठी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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ऊसराहार। हरकुंजलपुर प्रधानी प्रकरण में न्याय में देरी से आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार को तहसील कार्यालय ताखा में भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस पर तहसील प्रशासन ने जांच रिपोर्ट जारी करते हुए ग्राम प्रधान का सामान्य निवास प्रमाण पत्र गलत जारी होना मान लिया है।  वहीं बीडीओ ने भी परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज न होने की पुष्टि का पत्र जारी कर दिया।
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ताखा की ग्राम पंचायत हरकुंजलपुर की ग्राम प्रधान विनीता देवी के दूसरी गांव पंचायत के निवासी होने के आरोप लगाए गए हैं। कार्रवाई न हो पाने से आक्रोशित हरकुंजलपुर ग्राम पंचायत के लोगों ने संगीता देवी पाल की अगुवाई में सैकड़ों लोगों ने तहसील कार्यालय पर भूख हड़ताल  शुरू कर दी। 

भूख हड़ताल पर बैठी संगीता पाल और रमेश चंद्र की मांग थी कि प्रधान का सामान्य निवास प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों से बनाया गया है। उसे निरस्त किया जाए।  फर्जी परिवार रजिस्टर की नकल लगाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाए।  भूख हड़ताल कर रहे लोगों में दर्जनो महिलाएं भी शामिल थीं।
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  लोगों का कहना था कि उनके प्रार्थना पत्रों को ग्राम प्रधान के दबाव में निस्तारण दिखा दिया जाता है।  वहीं भूख हड़ताल के बाद  तहसील प्रशासन ने ग्राम प्रधान के विरूद्ध जांच रिपोर्ट जारी करते हुए माना कि ग्राम प्रधान ऊसराहार में रहती हैं । हरकुंजलपुर में उनका कोई निवास नहीं है। 

तहसीलदार विजय यादव और नायब तहसीलदार पवन प्रकाश पाठक की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि स्थलीय जांच में ग्राम प्रधान का आवास हरकुंजलपुर नहीं मिला है।  लोगों के बयानों, स्थलीय निरीक्षण और अन्य संसाधनों से की गई जांच से स्पष्ट हुआ है कि निवास प्रमाण पत्र गलत जारी हुआ है। 

भूख हड़ताल बैठे लोगों को एसडीएम दिनेश सिंह ने एक माह में प्रकरण के निस्तारण का आश्वासन दिया। कहा कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दी गई है।  बीडीओ से भी परिवार रजिस्टर के संबंध में जानकारी जुटाई गई है।  जांच रिपोर्ट आ चुकी है। 

वह सामान्य निवास प्रमाण पत्र के निरस्तीकरण की कार्यवाही अमल में ला रहे हैं।  एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी।  इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य राजकुमार चक, जितेंद्र पाल, योगेश यादव, मुन्नी देवी, राजश्री, सुनीता देवी, चंद्रप्रभा, अमर सिंह यादव, महेश चंद्र, अतर सिंह, सुभाष, रक्षपाल, सुदीश, शैलेंद्र, बलराम यादव, किशोर सिंह, जयकरन, केशव, बबलू, बैजनाथ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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