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पहरा देते रहे सिटी मजिस्ट्रेट, कलक्ट्रेट पहुंचे सपाई

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कलक्ट्रेट तक जाने से रोकने पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अगुवाई में सपाई सड़क पर ही धरने पर बैठकर न? - फोटो : ETAWHA
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इटावा। सपाइयों को जुलूस निकालकर प्रदर्शन करने से रोकने के लिए बृहस्पतिवार को प्रशासन ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया। सपा कार्यालय पर खुद सिटी मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ पहरा देते रहे। सिटी मजिस्ट्रेट के मोबाइल फोन में व्यस्त होते ही सपाई रेलवे लाइन किनारे से आंबेडकर चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट के गेट तक पहुंच गए। पुलिस ने रोका को वहीं सड़क पर धरने पर बैठे और नारेबाजी की। एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर पुलिस के पहरे में ही जिला कार्यालय लौट गए।
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समाजवादी पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध समेत जनसमस्याओं को लेकर सभी जिलों में प्रदर्शन करने का एलान किया था। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गृह जिले इटावा में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने सदर तहसील में धरना देने की घोषणा की थी। सदर तहसील मुस्लिम बहुल क्षेत्र में है। इससे वहां मुस्लिमों की भीड़ जुटने की पूरी संभावना थी। इसलिए पुलिस सपाइयों को तहसील जाने से हर हाल में रोकना चाहती थी।
सुबह आठ बजे से ही पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। शहर आने वाले हर रास्ते, शहर के सभी चौराहों पर पुलिस तैनात कर दी गई। सपा कार्यालय से लेकर कलक्ट्रेट तक एएसपी, सीओ, कई थानों के एसओ, दरोगा और 200 से अधिक सिपाही तैनात थे।
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सुबह करीब 8:30 बजे सपाई जिला कार्यालय पहुंचे और जुलूस की तैयारी कर रहे थे। करीब 9: 30 सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ शुक्ला, एएसपी रामयश और भरी फोर्स के साथ सपा कार्यालय पहुंच गए। सपाइयों को रोकने के लिए कार्यालय के बाहर रस्सा लगा दिया। काफी देेर तक आंख मिचौनी चलती रही। करीब 11:45 बजे सिटी मजिस्ट्रेट मोबाइल में व्यस्त हो गए और फोर्स भी कुछ ढीला पड़ गया। इसका फायदा उठाकर गोपाल की अगुवाई में करीब 150 सपाई रेलवे लाइन किनारे से आंबेडकर चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट की तरफ बढ़े। कलक्ट्रेट गेट से करीब 20 मीटर पहले रस्सा लगाकर फोर्स के साथ खड़े एएसपी और एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने सपाइयों को रोक लिया। इसमें सपाइयों और फोर्स के बीच खींचतान भी हुई। सपाई सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने राज्यपाल को संबोधत ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने, दुष्कर्म, हत्या के आरोपियों को 30 दिन में सजा देने, समर्थन मूल्य पर आलू खरीदने, पराली जलाने के नाम पर किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, बिजली मूल्य वृद्धि वापस लेने, महंगाई पर काबू करने, छात्रों की बढ़ी फीस वापस लेने, गन्ना किसानों की समस्या समेत 18 मांगें की गई हैं। सपा के प्रदर्शन में पूर्व सांसद, प्रेमदास कठेरिया, पूर्व नपाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, आनंद यादव, प्रदेश सचिव, अनीत दिवाकर, ऋषि प्रसाद यादव, सर्वेश शाक्य, राजकुमार, लालू प्रसाद यादव, चंदन सिंह बघेल, भूपेंद्र दिवाकर, सुहेल यादव, दीपू यादव, सीताराम कश्यप, बृजेश कठेरिया, रत्नेश भदौरिया, शहर अध्यक्ष मुबारक अंजुम, दिलीप दुबे, सचिन यादव, आदित्य, अमित सोनी आदि शामिल रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव के सरकारी आवास और फ्रेंड्स कालोनी आवास पर भी पुलिस ने सुबह से ही पहरा लगा दिया था। अंशुल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें नजरबंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस के दम पर हमें रोकना चाहती थी लेकिन साहसी सपाई जुलूस निकालने में कामयाब रहे। अंशुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं की तारीफ की।
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