वैदपुरा थाना क्षेत्र के विचपुरी खेड़ा में संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत हो गई। ससुरालीजनों ने मायके वालों को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार करना चाहा तभी मायके पक्ष के लोग पहुंच गए। उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने चिता से अधजला शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद से ससुरालीजन फरार हैं।
विचपुरी खेड़ा निवासी विकास राजपूत की पत्नी संतोषी (23) की बुधवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार की सुबह होते ही ससुरालीजन बिना मायके वालों को सूचना दिए महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
इसी बीच गांव वालों ने इसकी सूचना मृतका के मायके पक्ष को दे दी। मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि चिता जल रही थी। तत्काल उन्होंने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और चिता की आग बुझाकर अधजले शव को कब्जे में लिया। इस बीच ससुरालीजन वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मौत का कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पोस्टमार्टम हाउस पर मृतका संतोषी के चाचा मुन्नाप्रसाद निवासी डिबियापुर थाना महाराजपुर कानपुर नगर ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। बताया कि उन्होंने अपनी भतीजी संतोषी की शादी चार वर्ष पहले की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न कर रहे थे। उत्पीड़न के चलते वह अपनी भतीजी को अपने साथ ले गए।
बीस दिन पूर्व ही नाते रिश्तेदारों के कहने पर उन्होंने भतीजी को ससुराल भेजा था। दहेज लोभियों ने भतीजी की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के चक्कर में बिना सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार भी करने लगे। मृतका अपने पीछे ढाई वर्ष का बेटा माधव छोड़ गई है।
थानाध्यक्ष विकास राय ने बताया कि मायके वालों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को चिता से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मायके वाले दहेज हत्या का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।