पांच हजार के इनामी कुख्यात बदमाश कलुआ पुलिस की घेराबंदी से बच निकला। पांच थानों की पुलिस और स्वयं एसएसपी की मौजूदगी के बाद भी पुलिस हाथ मलते रह गई। बदमाश ने भरथना थाना प्रभारी निरीक्षक के ऊपर फायरिंग कर दी। फायरिंग में प्रभारी निरीक्षक बाल बाल बच गए। दो घंटे तक चली पुलिस की कार्रवाई से पूरा गांव दहशत में रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम लखनपुर पचार निवासी कल्लू यादव उर्फ (कलुआ) हत्या, डकैती एवं लूट की कई घटनाओं में बांछित है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने पंाच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
वह कई दिनों से फरार चल रहा है। बुधवार को भरथना थाना प्रभारी विकास राय को सूचना मिली कि वांछित अपराधी मोटर साइकिल से भरथना पाली मार्ग पर स्थित ग्राम सूजीपुरा में राजीव कुमार के घर आया हुआ है । थाना पुलिस अपने दल बल के साथ ग्राम सुजीपुरा आ धमकी। बताए गए मकान पर जैसे ही पुलिस पहुंची। घर के बाहर खड़े अपराधी ने सामने पुलिस को आता देख सीधे दो फायर कर दिए।
अचानक फायरिंग होने से प्रभारी विकास राय बाल-बाल बच गए। अपराधी घर के अंदर की ओर भाग कर जीने पर चढ़ने लगा। पुलिस ने भी जवाबी फायर किए। अपराधी के साथ हो रही मुठभेड़ की सूचना जैसे ही एसएसपी को मिली। उन्होंने बकेवर, लवेदी, बढपुरा, ऊसराहार के साथ क्राइम ब्रांच को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
स्वयं भी घटना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। पुलिस घरों की चेकिंग करवाने लगी। इससे पहले ही अपराधी मौका देख कर भाग चुका था। चेकिंग के दौरान थाना पुलिस ने उसके साथी ग्राम सुजीपुरा निवासी राजीव कुमार उर्फ बंटू पुत्र ब्रह्मपाल सिंह को फरार अपराधी का बैग व उसकी मोटर साइकिल सहित धर दबोचा।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कुख्यात अपराधी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। उसे संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि अपराधी को जल्द पकड़ा जाएगा।
गांव वालों की मानें तो थाना प्रभारी ने जैसे ही अपराधी को पकड़ने का प्रयास किया। उसने अपने को बचाते हुए उनके ऊपर फायर कर दिया। अचानक हुई फायरिंग से पुलिस अपने को संभाल नहीं पाई।
इसका फायदा उठाते हुए वह घर के अंदर छिप गया। जब तक अतिरिक्त फोर्स पहुंच पाता वह बगिया के किनारे किनारे होकर बंबा के रास्ते भाग गया।
दो घंटे तक छावनी बना रहा ग्राम सुजीपुर । दहशत में रहे ग्रामीण घरों की छतों पर पुलिस बल को अपराधी की तलाश में घरों की तलाशी लेते देखते रहे ।
थोड़ी सूझबूझ से काम लेती थाना पुलिस तो निश्चित ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होता। पुलिस की सही घेराबंदी एवं रणनीति का अभाव होने के कारण अपराधी बच निकला।