‘सड़क पर चलते समय नियमों का पालन करें। गलत दिशा से ओवरटेक करने के हादसे की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है।’ यह बात डीएम ने विकास भवन स्थित आडिटोरियम में आयोजित गोष्ठी में कही।
गोष्ठी का आयोजन परिवहन विभाग ने बुधवार को दुर्घटना रहित दिवस (नो एक्सीडेंट डे) मनाते हुए किया था। इसके तहत विभिन्न स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वाहन चलवाने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में डीएम डा. नितिन बंसल ने कहा कि दुर्घटना से बचने के लिए वाहन ओवर स्पीड में न चलाएं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं लापरवाही से हो रही हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि दुपहिया वाहन हमेशा हेलमेट लगाकर चलाएं। वाहन चलाते समय मोबाइल से कभी बात न करें। न ही गलत दिशा से कभी ओवरटेक करें।
गोष्ठी को एसएसपी मंजिल सैनी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं। दिल्ली में लोग वाहनों में सीट बेल्ट लगाकर चलते हैं लेकिन यूपी की तरफ आते ही उनकी सीट बेल्ट खुल जाती है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाले भी नजर रखें कि कोई छात्र-छात्रा बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दुपहिया वाहन न चलाए।
एआरटीओ प्रवर्तन वीके सिंह ने कहा कि हादसे ओवरस्पीड, ओवरलोड, नशे की हालत में वाहन चलाने से होती हैं। हर साल जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि वाहन की स्पीड कम होने से सामने वाले वाहन की गलती से भी बचा जा सकता है। इसलिए वाहन सही गति से ही चलाएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक करें कि वाहन बिना लाइसेंस न चलाएं। इस दौरान गोष्ठी में मौजूद छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।
गोष्ठी में सीओ ट्रैफिक शिवराज सिंह, गुड्डा समेत अन्य लोग मौजूद थे। दूसरी तरफ एसएसपी चौराहे के पास आंखों की जांच का कैंप लगाया गया। इस कैंप में आने वालों की निशुल्क आंखों की जांच की गई।