इटावा। शहर की सड़कों, मोहल्लों से लेकर रेलवे स्टेशन तक बंदरों का आतंक है। जिम्मेदार विभाग अभी तक बचाव के इंतजाम नहीं करा पा रहा है। प्रतिदिन लोग बंदरों के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म दो व तीन पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा रहती है। रोजाना करीब 12 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। यहां मुख्य गेट से लेकर प्लेटफार्म तक खूंखार बंदर लोगों को दौड़ा लेते हैं। बैग और खाने पीने का सामान तक छीन लेते हैं। 10 दिन में चार से छह लोगों को बंदर शिकार बना चुके हैं। वहीं कलक्ट्रेट में भी बंदरों का आतंक है। डीएम कार्यालय के पास आने वाले फरियादियों को अक्सर लोग दौड़ा देते हैं।
जिला अस्पताल में कुत्ता अथवा बंदर काटे के रोजाना करीब 50 मरीज आते हैं। शहर की गली, मोहल्लों व छतों पर मंडराने वाले बंदरों से लोग काफी परेशान हैं। ज्यादातर महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग ही शिकार होते हैं।
हाथ से खाना छील ले जाते
एसडी फील्ड निवासी प्रमोद रावत ने बताया कि पहले तो यात्री प्लेटफार्म की बेंच पर खाना खा लेते थे, अब प्लेटफार्म पर विचरण करने वाले बंदरों की वजह से डर लगता है। बंदर हाथ से कौरा छीन ले जाते हैं।
चौगुर्जी निवासी आशुतोष दीक्षित एडवोकेट ने बताया कि रिश्तेदार प्लेटफार्म नंबर तीन पर ट्रेन रुकने के बाद नए फुट ओवरब्रिज पर चढकऱ नीचे आने का प्रयास कर रहे थे। आगे चलने पर कई बंदर बीच में बैठे थे, जिन्हे देखकर रुकना पड़ा। कहीं दौड़ न पड़ें।
दुकानदार रीना जैन ने कहा कि स्टेशन पर बंदरों का आतंक इस कदर है कि वह कई लोगों को काट चुके हैं। बच्चों को लेकर जाने पर सावधानी बरतनी पड़ती है।
अतुल चौरसिया ने बताया कि बच्चों के लिए स्टेशन के बाहर से केला ले जा रहे थे। बंदरों ने थैली छुड़ा ली।
यह मोहल्ले ज्यादा प्रभावित
शहर में बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा पुरबिया टोला, पक्का तालाब, कचहरी रोड (पुरानी दिवानी के आसपास), चौगुर्जी, एसडी फील्ड, हर्ष नगर, सती मोहल्ला, कटरा सेवाकली इत्यादि मोहल्ले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
- स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग को पत्र लिख चुके हैं। अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जल्द फिर से पत्र लिखेंगे। बताया कि स्टेशन पर बंदरों के आतंक की वजह से यात्रियों को परेशानी होती है।
- जिला वनाधिकारी अतुल कांत शुक्ला ने बताया कि बंदरों के आतंक से लोगों को बचाने के लिए रेंजरों को बंदर पकड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्य स्थानों पर जाल लगवाने के निर्देश दिए हैं।