सैफई (इटावा)। मैनपुरी के उपचुनाव ने चाचा और भतीजे की राजनीतिक दूरियां खत्म कर दीं। रविवार को एसएस मेमोरियल इंटर कॉलेज में हुए सम्मेलन में सपा का कुनबा एक साथ दिखा। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की। सभी ने डिंपल यादव को जिताने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंच पर आते ही चाचा प्रो. रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद कहा कि चाचा-भतीजे में नजदीकियों से अब घबराहट तो बीजेपी को हो रही होगी। अगर जसवंतनगर ने मन बना लिया और करहल साथ चल दिया, मैनपुरी ठीक हो गई, किशनी के लोग मन बनाए हैं और भोगांव में भी जीतने वाले हैं, तो सोचो परिणाम इस बार क्या होगा।
यह पहली सरकार होगी, जो सब वादे भूल गई। इतनी परेशानी, तकलीफ, साजिश और षड्यंत्र कोई और पार्टी नहीं करती, जितना भाजपा करती है। भाजपा की परेशानी की दवा न वैद्य के पास है और न हकीम के पास।
वह शिवपाल सिंह यादव का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को बुलाकर महत्वपूर्ण काम किया है। नेता जी हमारे बीच नहीं हैं। यहां बैठे लोग सीधे नेताजी से जुड़े रहे हैं। मैनपुरी को नेताजी ने बनाया और जनता ने नेताजी को बनाया। हमेशा जसवंतनगर की जनता ने भारी मतों से जिताया है। सम्मेलन में वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी, पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
‘पुराना विधानसभा वाला रिकार्ड तोड़ना है’
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जसवंतनगर क्षेत्र में हम जब भी जाते थे तो हर बार यही कहा जाता था कि एक हो जाओ। आज हम एक हो गए हैं। भाजपा की सरकार झूठी है। बिजली चेकिंग के बहाने छापे, जुर्माने और मुकदमे लिखाकर सिर्फ जनता को परेशान किया जा रहा। आपकी जिम्मेदारी है, पुराना विधानसभा वाला रिकार्ड तोड़ना है। उन्होंने तीन बार कार्यकर्ताओं से हाथ उठवाकर हामी भरवाई। कहा कि यह प्रतिष्ठा का चुनाव है। नेेेताजी का अंश हम सब लोगों में है। उनके आदर्शों पर चलना है। नेताजी को उन्होंने कभी निराश नहीं किया। जिम्मेदारी का नेतृत्व अखिलेश यादव को करना है। डिंपल हमारी बहू है। उन्हें जिताना है। यह सम्मान की लड़ाई है।