ईएनटी कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन।
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जिला अस्पताल में मरीजों को प्रतिदिन इलाज के लिए धक्का मुक्की झेलनी पड़ती है। अस्पताल में प्रत्येक डाक्टर के कक्ष के बाहर टोकन डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। जिससे मरीजों को नंबर जारी किए जाएं, लेकिन एक-दो डाक्टरों को छोड़कर कोई इसका प्रयोग नहीं कर रहा है। इस कारण मरीज को पर्चा जमा करने के बाद इस बात पर भी नजर रखनी पड़ती है कि कहीं उसका पर्चा ऊपर नीचे तो नहीं कर दिया गया है। क्योंकि चहेतों को इंतजार न करना पड़े इसलिए अटेंडेंट ऐसी हरकत करते हैं।
डा. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में पुरुष विंग के चिकित्सक कक्ष में टोकन डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था की गई है। इस डिस्प्ले बोर्ड के लगने के बाद शहरवासियों को उम्मीद थी कि अब उन्हें अटेंडेंट के पास पर्चा जमाकर रखवाली नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें अपने नंबर के इंतजार में चिकित्सक कक्ष के बाहर घंटों नहीं बीताने पड़ेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और अस्पताल के डाक्टरों की मनमानी से यह योजना धरी रह गई। इस डिस्प्ले बोर्ड का एक-दो डाक्टरों के अलावा प्रयोग नहीं हो रहा है। नतीजा आज भी मरीजों में मारामारी झेलनी पड़ती है। अटेंडेंट और मरीजों के बीच पर्चा ऊपर नीचे करने को लेकर नोकझोंक होती है।
ईएनटी कक्ष के बाहर लगी भीड़
इटावा। मंगलवार को जिला चिकित्सालय में डाक्टरों के कक्ष के बाहर इलाज को आए मरीजों की लाइन लगी रही। ईएनटी कक्ष के बाहर मरीज दो घंटे तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं नेत्र रोगी भी कक्ष के बाहर लाइन में खड़े रहे। अन्य कक्षों की तरह इन दोनों कक्षों में टोकन डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
कक्ष संख्या 56 व चार में हो रहा डिस्प्ले का प्रयोग
इटावा। टोकन डिस्प्ले बोर्ड का प्रयोग सिर्फ दो कक्षों में हुआ है। जिसमें कक्ष संख्या 56 में फिजीशियन डा. शाहू व कक्ष संख्या चार में जहां डा. महेंद्र कुमार अपने जूनियर डाक्टरों के साथ मरीज देखते हैं। इन दोनों कक्षों में टोकन डिस्प्ले व्यवस्था लागू होने से मरीजों को राहत है।
डाक्टरों को दिए जाएंगे कड़े निर्देश: सीएमएस
इटावा। जिला अस्पताल पुरुष के चिकित्सा अधीक्षक डा. एके पालीवाल का कहना है कि वह पहले भी सभी डाक्टरों को टोकन डिस्प्ले बोर्ड का प्रयोग करने के लिए कह चुके हैं। एक बार फिर व्यवस्था को लागू करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे।