सेंक्चुअरी विभाग चला रहा जागरूकता अभियान, नदी किनारे सतर्क रहने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। यमुना नदी में मगरमच्छ के हमले में घायल युवक अमर सिंह निषाद का सैफई आयुर्विज्ञान विवि में इलाज जारी है। यहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। वहीं, मगरमच्छ के हमले के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत है। बच्चे व बड़े नदी किनारे जाने से डर रहे हैं।
धर्मपुरा गांव निवासी अमर सिंह निषाद (18) रविवार को पशुओं को नहलाने के लिए यमुना नदी पर गया था। इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। युवक के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को आता देख मगरमच्छ युवक को छोड़कर गहरे पानी में चला गया। घटना के बाद घायल युवक को पहले सीएचसी राजपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर होने पर रविवार रात डॉक्टरों की टीम ने उसे सैफई भेज दिया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मगरमच्छ के हमले की घटना के बाद चंबल और यमुना नदी किनारे बसे करीब 80 गांवों में दहशत का माहौल है। सेंचुअरी विभाग की ओर से गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय कर्मचारी लोगों को नदी में गहरे पानी में न उतरने, अकेले घाट पर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
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अभी मगरमच्छ और घड़ियाल के नेस्टिंग का समय चल रहा हैं जिससे वह आक्रामक हो रहे हैं। गांव में जागरूकता कैंप का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को नदी किनारे न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा हैं।कोटेज त्यागी, सेंक्चुअरी रेंजर चकरनगर