इटावा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायतों का आरक्षण आज जारी होने की उम्मीद है। इस बार आरक्षण की खास बात ये है कि पहली बार जिले की 114 ऐसी ग्राम पंचायतें आरक्षित होंगी। जहां पंचायतीराज व्यवस्था लागू होने के बाद से आज तक प्रधान पद पर सीट आरक्षित नहीं हुई है।
पंचायतीराज विभाग के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण शासन स्तर से फाइनल हो चुका है। इस सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा 24 जिला पंचायत सदस्यों में भी आरक्षण तैयार हो गया है। इसमें एससी महिला के लिए दो और एससी के लिए 4 पद आरक्षित होंगे। ओबीसी महिला के दो और ओबीसी के चार पद आरक्षित होंगे। सामान्य महिला के लिए 4 पद आरक्षित होंगे। 8 पद अनारक्षित की श्रेणी में रखे जाएंगे।
ग्राम पंचायत प्रधानों के 471 पदों में एससी महिला के 40, एससी 74, ओबीसी महिला 46, ओबीसी के लिए 85 पद आरक्षित होंगे। 74 पद सामान्य महिला और 152 अनारक्षित होंगे। ब्लाक प्रमुख के आठ पदों में दो एससी, दो ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे। इनमें एक एक पद उसी वर्ग की महिला का होगा। इसके अलावा महिला सामान्य का एक और तीन पद अनारक्षित होंगे। कुल मिलाकर तीन पदों पर महिला ब्लाक चुनी जाएंगी।
वर्ष 1995 में पंचायतीराज अधिनियम लागू होने के बाद त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था पहली बार लागू की गई। इसमें 21 प्रतिशत एससी, 27 प्रतिशत ओबीसी, 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। वर्ष 95, 2000, 2005, 2010, 2015 में चक्रानुक्रम आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद भी कई सीटें ऐसी थी जहां अभी तक एससी वर्ग का प्रतिनिधि नहीं चुना जा सका।
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि शासनादेश के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची मंगलवार को जिला और ब्लाक स्तर पर कार्यालयों में चस्पा कर दी जाएगी।