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धान की क्यारी लगाने समय, नहरें सूखी और नलकूप खराब

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फोटो संख्या 13: बकेवर क्षेत्र में सूखी पड़ी निचली गंगानहर में क्रिकेट मैच खेलते बच्चे। - फोटो : ETAWHA
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धान की नर्सरी लगाने, ढैंचा की बुआई के लिए पलेवा और मक्का व मूंग फसल में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं। कई सरकारी नलकूप भी खराब हैं। इससे किसान परेशान हैं।
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जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि धान की क्यारी लगाने का सही समय 25 मई से 15 जून तक रहता है। नर्सरी अगैती और पिछैती फसल के हिसाब से किसान तैयार करते हैं।
इसके साथ ही धान, रबी की मक्का फसल के लिए खेतों में हरी खाद ढैंचा भी बोने का समय है। अगर इस समय किसान ढैंचा की बुआई कर लेंगे तो सही समय पर जोताई हो जाएगी, जिससे खेत की मिट्टी उपजाऊ हो जाएगी। जायद की मूंग व मक्का में ज्यादा सिंचाई की जरूरत होती है।
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संवाद प्रतिनिधि बकेवर के अनुसार भोगनीपुर निचली गंगानहर और उससे निकले कुड़रिया, महेवा, निवाड़ी रजबहों व माइनर में पानी नहीं आ रहा है। हर्राजपुर गांव के किसान सुधीर कुमार ने कहा कि खेतों में मूंग की फसल को पानी की जरूरत है। धान की क्यारियों के साथ ढैंचा की बुआई भी करनी है।
गेहूं फसल की कटाई-कड़ाई के समय नहरों में पानी आ रहा था और अब जरूरत के समय सूखी पड़ी हैं। कुड़रिया गांव के किसान सुबोध कुमार, प्रमोद कुमार, सुमन पांडेय, मिलन तिवारी ने कहा कि ढैंचा फसल की पहले खेतों में पलेवा करना है।
जयमलपुर गांव के किसान बबलू अग्निहोत्री, सराय मिट्ठे के दयाशंकर अवस्थी ने बताया कि ढैंचा खाद की हरी खाद से मिट्टी उपजाऊ हो जाती है, इसलिए क्षेत्र के ज्यादातर किसान ढैंचा की बुआई करते हैं लेकिन अगर नहर में पानी नहीं आया तो बुआई नहीं कर पाएंगे।
संवाद प्रतिनिधि महेवा के अनुसार कस्बे के किसान नाथूराम तिवारी, बहेड़ा के राजकुमार शंखवार, बबलू तिवारी ,सोनू चौधरी ,शिव किशोर शाक्य ने बताया कि इस समय मूंग, मक्का फसल को सिंचाई के लिए पानी चाहिए। धान की नर्सरी लगने का समय भी आ रहा है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। संवाद प्रतिनिधि निवाड़ीकला के अनुसार टडबा स्माइलपुर के किसान योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह और बबलू दीक्षित ने कहा कि इस समय धान की नर्सरी लगाने का समय है इसलिए पानी की जरूरत है। जिलेदार राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि इस हफ्ते नहरों में पानी आ जाएगा। संवाद प्रतिनिधि भरथना के अनुसार बहारपुर गांव के किसान सुभाष शाक्य, नगला केहरी के हरिओम, कुंअरा के शेष कुमार ओझा, ऊमरसेन्डा के प्रदीप कुमार कहा कि पानी आ जाए तो धान की नर्सरी लगाएं और खेतों में ढैंचा की बुआई करें।
जसवंतनगर। क्षेत्र में कई राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। नगला रामसुंदर का नलकूप कुछ महीने पहले रीबोर किया गया था, लेकिन चालू नहीं हो पाया है। गांव के किसान मुन्ना सिंह तोमर ने बताया कि उनके खेत पर लगा नलकूप भी कई महीने से खराब पड़ा है। कई बार शिकायत की, लेकिन ठीक नहीं कराया जा रहा है। नगलातौर के किसान राजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि उनके खेत पर लगा नलकूप भी डेढ़ साल से खराब पड़ा है।
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नगर में पानी छोड़ने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। फिलहाल 170 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। पलेवा के लिए कम से कम एक हजार क्यूसेक पानी की आवश्यकता है।
- रामसागर, एक्सईएन, भोगनीपुर निचली गंगानहर
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