इटावा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चार बैंकों में 300 से अधिक आवेदन लंबित होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। चालू माह में भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक ने मिलकर सिर्फ 25 आवेदनों का निस्तारण किया। सीडीओ ने संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण मिलने में देरी न हो।
मंगलवार को संजय सिंह की अध्यक्षता में उद्योग बंधु की बैठक हुई। इसमें उद्यमियों की समस्याओं, सरकारी योजनाओं की प्रगति और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में उद्यमियों ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याएं उठाईं। इस पर बिजली निगम के अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान और व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
बैठक में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने बैंक अधिकारियों को आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करने और पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नीति के तहत पात्र उद्यमियों को पूंजीगत सब्सिडी और सूक्ष्म इकाइयों को ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों में विविधीकरण करने वाले उद्यमी निर्धारित शर्तों के अनुसार इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।