सड़क हादसे में किसान की मौत के बाद उसके वारिस को दुर्घटना बीमा न देने के मामले में उपभोक्ता ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी पर जुर्माना लगाया है। मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह एक माह के अंदर मृतक के वारिस को एक लाख रुपये का भुगतान करें।
यदि एक माह के अंदर भुगतान नहीं किया तो उसे सात प्रतिशत ब्याज दर से पूरी रकम अदा करनी पड़ोगी। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला हरचंद निवासी धर्मेंद कुमार की आठ अगस्त 2010 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। किसान की मौत हो जाने पर सरकार की ओर से मृतक के आश्रित को एक लाख रुपये देने का प्रावधान था।
मृतक धर्मेंद्र के भाई मनोज कुमार ने इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की, लेकिन ओरियंटल बीमा कंपनी ने उसके दावे को खारिज कर दिया। बीमा कंपनी का मानना था कि वह धर्मेंद्र का वारिस नहीं है। इसके बाद मनोज ने दोबारा कार्यवाही की, इस पर डीएम ने भी इसकी संस्तुति की लेकिन बीमा कंपनी ने उत्तराधिकार के अभाव में उसे फिर से खारिज कर दिया।
इसके बाद मनोज ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर ओरियंटल बीमा कंपनी को पार्टी बनाया। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्याम बिहारी शर्मा व सदस्य ममता एवं अतुल कुमार की टीम ने इस मामले की सुनवाई की। टीम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद टीम ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह पीड़ित को एक लाख रुपये का भुगतान करें।
यदि एक माह के अंदर उसने रकम अदा नहीं की तो उस पर सात प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा।