इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनकटी बुजुर्ग के मजरा
संतनगर में शनिवार दोपहर प्रधानी चुनाव की रंजिश में चार लोगों की गोली
मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। दिनदहाड़े गांव की सड़क पर
हुए इस खूनी संघर्ष में मारे गए लोगों में जीते पक्ष के तीन और हारे पक्ष
का एक व्यक्ति शामिल है।
लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव के निर्वाचन क्षेत्र का मामला होने की वजह से सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम मयफोर्स मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स के साथ ही पीएसी तैनात कर दी गई है।
बनकटी ग्राम पंचायत से संतनगर के भूपेंद्र सिंह यादव उर्फ भूरे की पत्नी श्वेता यादव एवं रघुराई की पत्नी केशन देवी ने प्रधानी का चुनाव लड़ा था। श्वेता यादव चुनाव जीत गई। इसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश बढ़ गई। दोनों पक्षों के बीच गांव में ही एक प्लाट को लेकर भी विवाद चला रहा है।
शनिवार सुबह इस प्लाट को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। तहसीलदार मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल के बाद काम बंद करा दिया। दूसरे पक्ष ने दोबारा काम शुरू करा दिया। इस पर दोपहर लगभग दो बजे के करीब प्रधान श्वेता यादव के पति भूपेंद्र सिंह यादव एवं इनके पिता रामशंकर, भाई देवेंद्र सिंह, चाचा आसाराम के साथ पुलिस से शिकायत करने निकले।
वे गांव से बाहर निकले थे कि दूसरे पक्ष के लोगों से मारपीट और फायरिंग हो गई। इस दौरान प्रधान पक्ष के आसाराम (55) देवेंद्र यादव (30) के अलावा वहां मौजूद नगला हरे रायनगर बैदुपरा निवासी नलकूप मिस्त्री धनीराम राजपूत (52) की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रधान पति भूपेंद्र उर्फ भूरे एवं उसके पिता रामशंकर यादव घायल हो गए।
दोनों घायलों को सैफई अस्पताल भेजा गया है। दूसरे पक्ष से मुकेश उर्फ गुुड्डू यादव (45) की भी गोली लगने से मौत हो गई। चार लोगों की मौत की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई। काफी देर तक शव सड़क किनारे पड़े रहे। डीएम नितिन बंसल, एएसपी महात्मा प्रसाद, सीओ विनय चौहान सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंची।
इसके बाद शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। तनाव को देखते हुए गांव में स्थानीय पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई है। एएसपी ने बताया कि मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। अभी किसी पक्ष से कोई तहरीर पुलिस के पास नहीं पहुंची है। घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।