इटावा। महिला जिला चिकित्सालय में प्रसव का ऑपरेशन करने के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने समेत कई आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
पुलिस का कहना है कि महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के धनुआ खेड़ा गांव निवासी संजीव ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं।
सबसे छोटा बच्चा नौ महीने का है। उसने पत्नी ममता देवी (30) का चार माह के गर्भ का ऑपरेशन जिला महिला चिकित्सालय में बुधवार को कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के कुछ देर बाद ममता की अस्पताल से छुट्टी कर दी।
उसके कागज भी अपने पास रख लिए। देर शाम पत्नी को वह अस्पताल से घर लेकर पहुंचा। मध्य रात्रि में ममता की तबीयत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को सुबह चार बजे ममता को जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संजीव का आरोप है कि डॉक्टर ने लापरवाही से ऑपरेशन किया। केस बिगड़ने पर मामता को जबरदस्ती अस्पताल से घर भेज दिया था। इसकी वजह से ममता की मृत्यु हो गई है।
उधर, जिला अस्पताल की इमरजेंसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह चार बजे और पांच बजे के बीच में ममता को इमरजेंसी में लाया गया था।
उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। परिजनों ने कहीं और जगह ऑपरेशन कराया था। जिस कारण से ब्लीडिंग अधिक होने से मृत्यु हुई है। पुलिस को सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है।