डिजिटल जन सेवा केंद्र का उद्घाटन करते एसडीएम राजमणि मिश्रा।
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इटावा रेलवे स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन के बाद जंक्शन का दर्जा मिल चुका है। इस उपलब्धि के बाद रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं को उच्च कोटि का बनाने की तैयारी चल रही है। स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां, कोच इंडीकेटर, प्लेटफार्म पर शेड आदि डालने क ी योजना बनाई जा रही है। वहीं स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था को चौकस किए जाने पर अहम फैसला लिया गया है। इसके तहत स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था ठेके पर सौंपी जाएगी। इससे स्टेशन 24 घंटे चमकेगा।
इटावा जंक्शन पर सफाई की गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे यात्री ही नहीं, रेल अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान हैं। स्टेशन को जंक्शन का दर्जा तो मिल गया लेकिन साफ सफाई के लिए सिर्फ पांच सफाईकर्मी हैं। रेलवे के मानकों को देखा जाए तो इस लंबे चौड़े स्टेशन पर सफाई के लिए 50 सफाई कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए। यही वजह है कि स्टेशन पर खासे प्रयासों के बाद भी साफ सुथराई नहीं हो पा रही है। स्टेशन पर तैनात इन पांच सफाईकर्मियों में एक महिला कर्मचारी है। रेलवे ने स्टेशन को 24 घंटे साफ सुथरा बनाए रखने के लिए ठेकेे पर सफाई कराने का फैसला लिया है। सहायक वाणिज्य प्रबंधक टूंडला अमन वर्मा ने इस संबंध में बताया कि जल्द ही इस योजना को धरातल पर लाने के लिए सफाई का ठेका उठाने जाने की प्रक्रि या को शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक इटावा स्टेशन पर यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
ट्रेन की चपेट में आए जानवरों के शव तुरंत हटेंगे
अमन वर्मा ने बताया कि प्लेटफार्म और आसपास के क्षेत्र में कई बार जानवर ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। इन जानवरों के शव हटाने की जिम्मेदारी भी सफाई कर्मचारियों की रहती है। कम कर्मचारियों पर वर्कलोड अधिक होने से कई बार जानवरों के शव ट्रैक पर ही पड़े रहते हैं। इससे स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था भी बिगड़ जाती है। ऐसे में सफाई कार्य ठेके पर दिए जाने से इस समस्या का भी निस्तारण होगा। साथ ही नगरपालिका को भी शहरी क्षेत्र में ट्रैक से ट्रेन की चपेट में आने वाले जानवरों के शव तुरंत हटाने के लिए लिखा जाएगा।