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ऑनलाइन आवेदन से स्टूडेंट्स का नुकसान!

Sat, 23 May 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था से स्टूडेंट्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गत वित्तीय वर्ष में तकरीबन 50 फीसदी छात्र-छात्राओं के आवेदन किसी न किसी कारण से निरस्त हो गए।
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यहीं नहीं जो स्टूडेंट्स पात्र भी पाए गए हैं, उनमें भी तमाम के खातों में छात्रवृत्ति की रकम नहीं पहुंची है। यह स्टूडेंट्स  समाज कल्याण आदि दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

गौरतलब है कि छात्रवृत्ति की ऑनलाइन प्रणाली से भले ही फर्जीवाड़े को रोकने में सफलता हासिल मिल गई हो लेकिन पात्र कई स्टूडेंट्स को घाटा भी उठाना पड़ा है। चूंकि छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वयं छात्र-छात्राओं को करना है। लिहाजा किसी भी चूक के लिए वह स्वयं जिम्मेदार ठहराए गए हैं।
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गत वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं सामान्य वर्ग के तकरीबन 50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के आवेदन किसी न किसी कारण से सस्पेक्टेड और फिर रिजेक्टेड श्रेणी में चले गए।

यहीं नहीं जिनके आवेदन एकदम दुरुस्त रहे, पीएफएमएस सिस्टम में भी पात्र पाए गए। उनमें भी कई छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति गत 31 मार्च तक खातों में नहीं पहुंची है।

इस मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, रजनीश पांडेय कहते हैं जो छात्र-छात्राएं पात्र हैं और उन्हें गत वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। उन्हें इस वित्तीय वर्ष की धनराशि से भुगतान किया जाएगा। वहीं समाज कल्याण अधिकारी, एनपी गुप्त फरमाते हैं पात्र श्रेणी के वंचितों को छात्रवृत्ति के लिए शासन स्तर पर निर्णय होना है। जैसे निर्देश प्राप्त होंगे। वैसी कार्यवाही जाएगी।

कक्षा 9 व 10 के स्टूडेंट्स की छात्रवृत्ति का स्टेट्स
वर्ग    आवेदन    निरस्त    स्वीकृत
अनुसूचित जाति    5902    2753    3149    
अनुसूचित जनजाति    22    21    01
पिछड़ा वर्ग    4975    2019    2956
अल्पसंख्यक    921    171    750
सामान्य    270    116    154

कक्षा 11 से ऊपर के स्टूडेंट्स की छात्रवृत्ति का स्टेट्स
वर्ग    आवेदन    निरस्त    स्वीकृत
अनुसूचित जाति    15914    5323    10591
अनुसूचित जनजाति    62    43    19
अल्पसंख्यक    4565    1269    3296
पिछड़ा वर्ग    30936    11129    19807
सामान्य    8302    2120    6182

कई कारणों से अटकी छात्रवृत्ति
कई कारणाें से स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति से वंचित होना पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार सस्पेक्टेड श्रेणी में ऐसे आवेदन रहे, जिनमें स्टूडेंट्स ने नए रजिस्ट्रेशन की जगह नवीनीकरण या फिर इसके उलट कर दिया।

यदि किसी अभिभावक के एक से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति मिलनी थी। उसमें आय एक समान नहीं रही। आवेदन में बैंक का आईएफएससी कोड, बैंक का नाम, ब्रांच का नाम, अकाउंट नंबर आदि में त्रुटि होने पर भी आवेदक वंचित रहे हैं।

हालांकि त्रुटियों को सुधारने के लिए विद्यालयों को समय दिया गया था। जिसमें सस्पेक्टेड श्रेणी के कई के आवेदन स्वीकृत भी हुए। फिर भी आवेदनों में त्रुटियां दुरुस्त न हो पाने के कारण उन्हें निरस्त कर दिया गया। 
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