सपा सरकार आते ही दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अहेरीपुर प्रकरण इतिहास के काले अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। ये बातें बुधवारको समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहीं।
वे बीते दिनों बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम अहेरीपुर में पुलिस द्वारा की गई मारपीट के मामले मेें अन्य सपा नेताओं के साथ यहां पहुंचे थे। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
विदित हो कि अहेरीपुर में नाला खोदाई के दौरान बवाल होने पर पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 14 नामजदों के साथ 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
कई ग्रामीणों का कहना है कि घटनाक्रम में पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों के साथ भी जमकर मारपीट की गई।
हालांकि आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने के कारण एसएसपी ने तत्कालीन चौकी प्रभारी हेमंत सोलंकी को निलंबित भी कर दिया था। साथ ही चौकी के स्टाफ को थाने में अटैच कर दिया गया था। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ वर्मा कर रहे हैं।
अहेरीपुर पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, कमलेश कठेरिया, लालू पाल ने पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आवाज उठाई जाएगी।
उन्होंने भाजपा सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार को इस घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर मुकदमे दर्ज कराने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया।
ग्राम प्रधान बिलकिशा बेगम ने कहा कि दो दिन पहले नाले के विवाद को लेकर समझौते के बावजूद उनके पति को फंसाया गया। ग्रामीण अमित दुबे, बबलू चक, रामौतार, बंटू बाजपेई ने कहा कि जब तक निर्दोष लोगों को जेल से बाहर न निकाला जाए तथा उनके मुकदमे वापस न कराए जाएं तब तक धरना प्रदर्शन किया जाए।