इटावा। कचहरी में वट वृक्ष के नीचे मौन धारण कर बैठे राज्य कर्मचारियों से कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। बाद में एडीएम ईश्वर चंद्र को कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों का यही रवैया रहा तो डीएम का घेराव किया जाएगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व में 2 अक्टूबर को प्रदेश भर में मौन धारण प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। शुक्रवार को जिले भर के राज्य कर्मचारी कचहरी में एकत्र हुए और 9 सूत्रीय मांगों को प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के बाद जब ज्ञापन देने की बारी आई तो कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों की तलाश शुरू की लेकिन अवकाश के चलते कोई भी अधिकारी कचहरी में मौजूद नहीं मिला। इससे कर्मचारियों के सामने समस्या खड़ी हो गई कि वह अखिर अपना ज्ञापन किसे दें। इसी बीच कर्मचारियों को जानकारी मिली कि एडीएम ईश्वरचंद्र कार्यालय में पहुंचे हैं। उन्होंने एलआईयू के माध्यम से एडीएम को प्रदर्शन स्थल पर ज्ञापन लेने के लिए बुलाया। एडीएम ने यह कहकर मौके पर जाकर ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया कि उन पर इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं है। वह अचानक यहां चुनावी कार्य निपटाने कार्यालय पहुंचे हैं। बाद में उन्होंने कर्मचारियों से कार्यालय पहुंचकर कार्यालय देने की बात कही जिस पर कर्मचारियों ने एडीएम कार्यालय पर पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा।
ज्ञापन देते समय राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा व अन्य कर्मचारी नेताओं ने उनकी उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कर्मचारियों का आरोप था कि उन्होंने संगठन के इस प्रदर्शन की सूचना 26 सितंबर को ही जिलाधिकारी को दी थी। इसके बाद भी कोई अधिकारी उनका ज्ञापन लेने प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में फिर से अधिकारी उनकी उपेक्षा करते हैं तो वह जिलाधिकारी कार्यालय व आवास का घेराव करेंगे।