जैन प्रतिमाओं को देखने पहुंचे लोग
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इकदिल क्षेत्र के गांव ईश्वरीपुरा में खेत में मिली जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियों को लेकर पुरातत्व विभाग बेखबर है। जिलाधिकारी का कहना है कि विभाग को पत्र लिखा जाएगा। दूसरी तरफ शनिवार को गांव में पहुंचे जैन अनुयायियों ने मूर्तियों के बारे में जानकारी ली।
मालूम हो कि इलाके के ईश्वरीपुरा, आसई व ददोरा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में काफी समय से मूर्तियों के अवशेष मिलते रहे हैं। शुक्रवार को भी ईश्वरीपुरा निवासी ब्रजेश राजपूत के खेत से खुदाई के दौरान जैन धर्म से जुड़ी तमाम मूर्तियां मिली हैं।
यह मूर्तियां 11 वीं एवं 12 वीं सदी की प्रतीत होती हैं। कुछ मूर्तियों पर अंकित शब्दों में पूरी भाषा तो समझ नहीं आती लेकिन संवत एवं बैशाख शुदी 12 स्पष्ट समझ में आता है। इसी खेत से पिछले वर्ष भी आधा दर्जन से अधिक सफेद संगमरमर की जैन मूर्तियां मिली थी।
ईश्वरीपुरा के पास स्थित ददोरा गांव में भी काफी संख्या में मूर्तियां है। स्थिति यह है कि इन तीनों गांव में घर-घर में मूर्तियां मौजूद है। ग्रामीण ट्यूबवेल आदि स्थानों पर मूर्तियों को स्थापित कर पूजा भी करते हैं। लोगों का कहना है कि खुदाई के दौरान कभी कभार सोने चांदी के सिक्के भी निकलते हैं।
लेकिन ग्रामीण इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताते। ग्रामीणों का मानना है कि इस क्षेत्र में राजा जयचंद्र का किला एवं खजाना रहा है। इसलिए यहां सोने चांदी के सिक्के गहने आदि भी हो सकते हैं। हालांकि इन मूर्तियों को संजोने की दिशा में अभी तक कोई काम नहीं हुआ है।
पुरातत्व विभाग ने भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। इस संबंध में जिलाधिकारी नितिन बंसल का कहना है कि मूर्तियां मिलने की जानकारी मिली है। एसडीएम मौके पर गए हैं। पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा जा रहा है।