इटावा। शिक्षा, समाज में सुधार लाने की अहम कड़ी है। शिक्षा को विवेक में बदलकर काबिल बनें, सफलता आपके कदम चूमेगी। यह बात मंगलवार को अमर उजाला के भविष्य ज्योति कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथि शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही।
शहर के बाला जी मंडपम गेस्ट हाउस में हुए कार्यक्रम में अवध ओझा ने पुराणों, दोहों और फिल्मों के उदाहरण देकर छात्र-छात्राओं को रटने नहीं, समझने की सीख दी। उन्होंने न चौरहार्यं न च राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि। व्यये कृते वर्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥ दोहा पढ़कर उसका हिंदी में अर्थ समझाते हुए शिक्षा का महत्व बताया। कहा कि शिक्षा ही एक ऐसी चीज है जिसे कोई छीन नहीं सकता, कोई बांट नहीं सकता। शिक्षा से मिला ही ज्ञान ऐसा है जो बांटने से और बढ़ता है। कहा कि आज देश का साक्षरता प्रतिशत 80 प्रतिशत है लेकिन इनमें से 63 प्रतिशत लोग अवसाद में है। उसकी वजह यही है कि वह अपनी शिक्षा को विवेक और ज्ञान में परिवर्तित नहीं कर सके।
उन्होंने थ्री इडियट्स फिल्म के चतुर रामलिंगम का जिक्र करते हुए कहा कि चतुर रट्टू था, वह अंक तो ले आता था, लेकिन अपनी शिक्षा का उपयोग नहीं कर पाता था। वहीं रेंचो अपनी शिक्षा से प्रयोग करता था। यही वजह है कि मस्त रहने के साथ ही आसानी से सफलता पा लेता था।
अवध ओझा ने रामचरित मानस, महाभारत पुराणों का भी जिक्र किया। कहा कि युवाओं को इन पुराणों से भी सीखना चाहिए। यह सभी पुराण वैज्ञानिक, सामाजिकता और दर्शन कराने में आपके मददगार हैं। इनका स्मरण करने से आपके सोचने समझने की क्षमताएं बदल जाती हैं। आगे कहा कि मन को काबू करना बहुत जरूरी है। बताया कि मन जैसी को काबू करने के लिए ही शिक्षा जैसी विधा बनी है। इसे समझिए और अपने अंदर धारण करिए।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों पर दबाव नहीं बनाएं। उन्हें उनके मन के कॅरिअर चुनने दें। जब वह अपने मन की चीज चुनेंगे तो उसमें मन लगेगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशिक्षु आईएएस कोमल पूनिया, डीआईओएस अतुल कुमार सिंह, जीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सक्सेना, बकेवर जनता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश त्रिपाठी, एसएमजीआई के चेयरमैन डॉ. विवेक यादव, सुदिति ग्लोबल एकेडमी के प्रबंधक सतीश यादव, निदेशक मयंक यादव, पानकुंवर इंटरनेशनल के प्रबंधक डॉ. कैलाश यादव, नारायण कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, चौधरी सुघर सिंह कॉलेज से मनीष यादव, थियोसोफीकल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनूप मिश्रा आदि मौजूद रहे।
वेब सीरीज, सोशल मीडिया पर बेफिजूल स्क्रॉल करने और व्यर्थ समय न बर्बाद करें।
पढ़ाई करते वक्त हर चीज को प्रयोगात्मक तरीके से समझें।
माता-पिता की बात सुनें, वे आपके सबसे बड़े शुभचिंतक।
अच्छी किताबें, अखबार जरूर पढ़ें।
योग और चिंतन करें। इससे आपकी सोचने समझने की क्षमता बढ़ेगी।
पुराणों का अध्ययन करें। उनका अनुसरण करके अपने जीवन में बदलाव करें।
असफलता से डरें नहीं। इसके बाद ही सफलता बनती है।
सवाल पूछने की आदत डालें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नजर डालें और हर विषय को समझने की जिज्ञासा पैदा करें।
विशिष्ट अतिथि शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने मेधावियों को सम्मानित करते उन्हें सीखने, समझने और अच्छी बातों को अपने जीवन में उतारने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का यह कार्यक्रम सराहनीय है। कहा कि यह मंच आपको सीखने के लिए बहुत कुछ दे रहा है। बस अब जरूरत है। इसे अपने जीवन में उतारने की।
कार्यक्रम में सीबीएसई, यूपी बोर्ड के 10 वीं और 12 वीं बोर्ड के टॉप 10 मेधावियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर अवध ओझा ने सम्मानित किया। वहीं जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल और प्रशिक्षु आईएएस कोमल पूनिया ने ओलंपियाड के मेधावियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम एसएमजीआई (सर मदनलाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस) और दिल्ली पब्लिक स्कूल की ओर से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि सुदिती ग्लोबल एकेडमी इसकी मुख्य प्रायोजक है। इसके साथ ही पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल बकेवर, सेवन हिल्स इंटर कॉलेज और चौधरी सुघर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट जसवंतनगर सह-प्रायोजक के रूप में जुड़े हैं। मदन हॉस्पिटल, एमनीव विजन स्कूल, मिश्रा हीरो, नारायण कॉलेज, प्रिंस ट्रेवल्स एंड फैशन कोहिनूर, रेडवुड ग्लोबल स्कूल, किड्स वैली स्कूल, थियोसोफीकल स्कूल, किचन क्राफ्ट एंड इंटीरियर, जीसी जीनियस, एसपीएस ग्लोबल स्कूल जसवंतनगर, शकुंतलम स्कूल उदी, रॉयल ऑक्सफोर्ड, सेंट मारिया, शंकर बजाज ऑटो मोबाइल, नित्यानंद विद्या निकेतन स्कूल लखना, ज्ञानस्थली ग्रुप ऑफ स्कूल, लॉर्ड मदर स्कूल बकेवर, केवलानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल भरथना एसोसिएट स्पॉन्सर हैं।