इटावा। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जिला पुस्तकालय समिति की बैठक संपन्न हुई। डीएम ने पुस्तकालय को आधुनिक और छात्रोपयोगी बनाने के लिए कई कड़े निर्देश दिए। अब पुस्तकालय शाम पांच बजे के बजाय रात आठ बजे तक खुला रहेगा। साथ ही, ई-ग्रंथालय पोर्टल के जरिए छात्र घर बैठे पुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ले सकेंगे।
बैठक में वार्षिक सदस्यता शुल्क 100 से बढ़ाकर 500 कर दिया गया है। 1000 की रिफंडेबल राशि पूर्ववत रहेगी। डीएम ने कहा कि वर्षों से अनुपयोगी सामग्री और टूटे फर्नीचर की नीलामी होगी, जबकि मरम्मत योग्य सामान को ठीक कराया जाएगा। इसके साथ ही पुस्तकालय को गूगल मैप पर पंजीकृत किया जाएगा ताकि छात्र आसानी से लोकेशन ढूंढ सकें। हर माह के अंत में रीडिंग कैंपेन चलेगा, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले टॉप-3 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
डीएम ने भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सीलन, चूहे और दीमक से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। लाइब्रेरी को धूल-मुक्त रखने और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिले में पुस्तक दान अभियान चलाया जाएगा। शिक्षक अपनी पढ़ी हुई उपयोगी पुस्तकें दान करें, इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
कॉलेजों में आउटरीच प्रोग्राम चलाकर विद्यार्थियों से भी पुरानी किताबें दान करने की अपील की जाएगी। सीडीओ अजय कुमार गौतम, डाइट प्राचार्य मनोज कुमार, स्वाति जैन, पुस्तकालय प्रभारी और जीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सक्सेना सहित अन्य अधिकारी रहे।