दो आरक्षी-एक अपराधी योजना के तहत अब सिपाही भी अपराधियों की खबर लेंगे। योजना को लागू करते हुए एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि इसके तहत अब दो आरक्षियों को अपने थाना क्षेत्र के किसी अपराधी का पूरा शिजरा जुटाना होगा।
इसके लिए उनको एक प्रोफार्मा दिया जाएगा। उसमें अपराधी से संबंधित सारी जानकारी लिखनी होगी।उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से आरक्षियों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सक्रिय करना है।
दरअसल अपराधियों पर नकेल कसने के लिए थानाध्यक्ष से लेकर सिपाहियों तक को सक्रिय किया जा रहा है। इसी वजह से सिपाहियों को यह कार्य दिया जा रहा है। हर थाने से टास्क से संबंधित सभी जानकारियां 21 मई तक उपलब्ध कराने के बाद उन्हें कंप्यूटर में फीड कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि थाने के अलावा कार्यालयों में तैनात दो-दो सिहापियों की टीम बनाई जाएगी। उनको अपराधी के बारे में सारी जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। आंवटित अपराधी के बारे में सूचनाएं भरने के लिए प्रारूप दिया जाएगा। सारी सूचनाएं क्षेत्र में जाकर ही अंकित की जाएंगी।
थाना प्रभारी आंवटित अपराधियों की सूची आरक्षियों के नाम सहित एक सप्ताह में प्रषित करें। सिपाही प्रारूप में भरकर सूचनाएं थानाध्यक्षों को देंगे। इसके बाद वह उसे सही कर उनके पास भेजेंगे। इसका रखरखाव एसएसपी के पीआरओ करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने सर्किल के थानों पर बैठक करके सभी आरक्षियों को इस बारे में विस्तार पूर्वक समझाएंगे और उनको इसके लिए मोटीवेट करेंगे। उन्होंने कहा कि 21 मई को हर थाने से एक एक उप निरीक्षक और पांच सिपाही उनके पास टास्क से संबंधित पूरी जानकारी देंगे।
उन्होंने हमराही फोर्स की ड्यूटी प्रतिदिन बदल-बदल कर लगाने के भी निर्देश दिए। आरक्षियों से प्राप्त सूचनाएं कंप्यूटर में फीड कराने का कार्य डीसीआरबी करेंगे। प्रभारी डीसीआरबी की जिम्मेदारी होगी कि अपराधियों के बारे में जो सूचनाएं संकलित की गई हैं उसके बारे में अतिरिक्त जानकारी संबंधित आरक्षी गण को सीधे भेजकर भी प्राप्त कर सकते हैं।