इटावा। लॉकडाउन के दौरान केवल जरूरी वस्तुओं की दुकानें ही पहले से तय समय पर खुलेंगी। गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलने का कोई आदेश प्रदेश शासन की ओर से नहीं आया है। यदि किसी दुकानदार ने गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलीं तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ये बात जिलाधिकारी जेबी सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है।
शुक्रवार सुबह टीवी पर खबर प्रसारित की गई कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने गैर जरूरी यानी सभी दुकानें खोलने की छूट दे दी है। इन खबरों में मॉल, सिनेमाघर, सभागार, रेस्टोरेंट, होटल आदि को छोड़कर अन्य दुकानें खोलने की बात बार-बार कही जा रही थी। इस पर व्यापारियों के साथ आम लोगों में बाजार खुलने का भ्रम हो गया। इस कारण अन्य दिनों की अपेक्षा बाजारों में भीड़ बढ़ गई।
दुकानदार भी एक-दूसरे से गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलने के आदेश की जानकारी लेते रहे। कुछ व्यापारी जायजा लेने बाजार भी पहुंच गए। दोपहर 10 बजे तक दुविधा की स्थिति रही। दुकानदारों ने व्यापारी नेताओं से भी संपर्क किया। इसके बाद व्यापारी नेता अनंत अग्रवाल ने अपने वाट्सअप ग्रुप पर पोस्ट डाली कि अभी केवल जरूरी वस्तुओं की दुकानें ही खुलेंगी, इसकी जानकारी अधिकारियों से ले ली गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकारों पर स्थिति के अनुसार निर्णय लेने को कहा है। प्रदेश सरकार ने अभी तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। प्रदेश समेत इटावा जिले में भी लॉकडाउन तीन मई तक लागू है। इसमें केवल आवश्यक वस्तुओं जैसे किराना, सब्जी, फल, दूध, मछली, कृषि संबंधी दुकानें ही सुबह 8 से 11 बजे तक खोली जा सकती हैं।
दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूरी है। गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें नहीं खोली जा सकती हैं। अगर कोई गैर जरूरी वस्तु की दुकान खुली मिली तो उसे सील कर दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकारियों को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।